CHHAPRA DESK- किसी भी अखबार या पैंपलेट में खाद्य पदार्थ का बेचना जहां अनुचित है, वहीं स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है. अमूमन कचौड़ी-जिलेबी, समोसे, पकौड़ी या अन्य खाद्य पदार्थ को चाय-नाश्ते व ठेले-खोमचे वाले अखबार या पैंपलेट में ही कचौड़ी-जिलेबी, समोसे, पकौड़ी या अन्य खाद्य पदार्थों को बेचते हैं. वहीं आम लोग भी उस खाद्य पदार्थ को खाते हैं लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह हानिकारक है. जिसको लेकर खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकार (FSSAI), नई दिल्ली के द्वारा जागरूकता अभियान को लेकर सारण प्रमंडल (छपरा, सीवान, गोपालगंज) के खाद्य संरक्षण पदाधिकारी सह अभिहित पदाधिकारी नारायण राम को निर्देश दिया गया है. जिसको लेकर उनके द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया गया है. उनके द्वारा होटलों में जाकर इस नियम का पालन करने के लिए उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है. इस विषय पर फूड इंस्पेक्टर श्री राम ने हलचल न्यूज़ को बताया कि अखबार या पैंपलेट की प्रिंटिंग अखाद्या पदार्थ से की जाती है और अगर उनमें गरम कचौड़ी-जिलेबी, समोसे, पकौड़ी या अन्य खाद्य पदार्थ को बेचा जाता है और लोग इनका सेवन करते हैं तो उन्हें गैस, कब्ज के साथ अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित होना पड़ सकता है. क्योंकि अखाद्य पदार्थों से प्रिंट किया गया यह अंक गर्म खाद्य पदार्थों के साथ में अवशोषित हो जाता है और उसे खाने के बाद पेट में कई बीमारियां जन्म लेंगी जो कि काफी घातक भी साबित हो सकती है. उन्होंने आमजनों से अपील की है कि वह अखबार या पेपर में किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन न करें, ताकि उन्हें बीमार होना पड़े या परेशानियों का सामना करना पड़े. 78