बरौनी के हर्ल खाद कारखाने से अमोनिया गैस रिसाव के कारण बीहट-रिफाइनरी रोड पर अफरा-तफरी मच गई। जहरीली गैस से स्कूली बच्चों और शिक्षिका समेत कई लोग बेहोश हुए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट


बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी स्थित हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) खाद कारखाने से सोमवार सुबह अमोनिया गैस का रिसाव होने से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस लीक होने के कारण बीहट-रिफाइनरी रोड पर करीब एक घंटे तक भीषण अफरा-तफरी का माहौल रहा। अचानक हुई इस घटना से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आंखों में तेज जलन, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत शुरू हो गई, जिससे कई लोग अचेत होकर सड़क पर ही गिर पड़े।

गैस रिसाव का सबसे ज्यादा असर बरौनी तेलशोधक मध्य विद्यालय पर पड़ा। जहरीली गैस की चपेट में आने से स्कूल की शिक्षिका कुमारी उमा भारती और कई छात्र (जिनमें आरुषि, पीयूष और आदित्य शामिल हैं) बेहोश हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी पीड़ितों को एम्बुलेंस द्वारा बरौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया गया।

बरौनी पीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव कुमार ने जानकारी दी कि अस्पताल पहुंचे मरीजों में आंखों में जलन, उल्टी और सिर चकराने के लक्षण थे। स्थिति को देखते हुए शिक्षिका को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। हालांकि, कुछ घंटों के समुचित इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

घटना के दौरान स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण ने जब हर्ल प्रबंधन को गैस रिसाव की सूचना दी, तो शुरुआती दौर में प्रबंधन ने लीकेज की बात से सिरे से इनकार कर दिया। हालांकि, एफसीआई थाने के पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन ने माना कि कारखाने के स्टार्ट-अप के दौरान हल्का लीकेज हुआ था।

इससे पहले, रविवार देर शाम को भी कारखाने के फ्लेअर से उठ रही तेज आग की लपटों से स्थानीय लोग काफी दहशत में थे। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं (गोविंद कुमार, गोविंद कश्यप, मन्नू कुमार आदि) का आरोप है कि हर्ल प्लांट से इस तरह की समस्याएं अक्सर सामने आती रहती हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।

दूसरी ओर, हर्ल के कारखाना प्रबंधक मनीष कुमार का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद प्लांट से एक जांच टीम को बीहट-रिफाइनरी रोड भेजा गया था, लेकिन उस समय वहां गैस की गंध या लीकेज की पुष्टि नहीं हो पाई थी।

इस गंभीर घटना के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश है। भाकपा के बरौनी अंचल मंत्री प्रह्लाद सिंह ने जिला कलेक्टर (DM) को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर्ल कारखाने से बार-बार होने वाले गैस रिसाव से आम जनता की जान खतरे में पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और हर्ल प्रबंधन से सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


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