देवघर नगर निगम बोर्ड की बैठक में 43 एजेंडों पर सर्वसम्मति से मुहर। दुर्गा पूजा और छठ महापर्व को लेकर स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण पर बड़े फैसले। पूरी खबर पढ़ें कंचन क्रांति न्यूज़ पर।
तरुण कुमार कंचन, देवघर।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवघर नगर निगम ने पुराने बस स्टैंड को फिर से चालू कराने की दिशा में औपचारिक पहल शुरू कर दी है। यह फैसला मंगलवार को देवघर नगर निगम कार्यालय के द्वितीय तल स्थित मुख्य सभागार में आयोजित बोर्ड की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। इस बैठक में नगर विकास, जन-सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और आगामी त्योहारों के सफल व स्वच्छ संचालन को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें जनहित से जुड़े सभी 43 एजेंडों को सदन द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
सफाई और कचरा प्रबंधन पर सख्ती :
आज की बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन (MSW) का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। वार्ड-19 की पार्षद सोनी केसरी ने अवगत कराया कि वार्ड में एमएसडब्लूएम (MSWM) का कार्य संतोषजनक ढंग से नहीं हो रहा है, जिससे कचरे के उठाव और उसके ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कतें आ रही हैं। इस पर नगर आयुक्त सुलोचना मीना का ध्यान आकर्षित करते हुए ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया गया था। नगर आयुक्त ने पार्षदों की बातों पर गंभीर संज्ञान लिया। इस दौरान वार्ड पार्षद अपर्णा झा ने देवघर के पुराने बस स्टैंड को पुनः चालू कराने का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी पार्षदों ने पुरजोर समर्थन किया और निगम प्रशासन ने इस पर अपनी सहमति दे दी। सदन ने सफाई एजेंसी MSWM की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष जताते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो उनका अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शहर में सिंगल-यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर दंड शुल्क (पॉलिसी) का भी निर्धारण किया गया है।
अखबार में प्रकाशित खबर पर कड़ी आपत्ति :

बोर्ड बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि सदस्यों ने 28 सितंबर 2026 को एक दैनिक अखबार में प्रकाशित समाचार की कड़ी निंदा की। निगम बोर्ड ने एकमत से इस समाचार को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें केवल संस्थान की छवि धूमिल करने और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। इसके साथ ही बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अन्य बड़े फैसले लिए गए।
दुर्गा पूजा और छठ महापर्व पर विशेष फोकस :
देवघर की धार्मिक महत्ता को देखते हुए आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ महापर्व को स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए वृहद कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। सभी 36 वार्डों और मुख्य पूजा पंडालों के आसपास युद्ध स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा छठ घाटों का जीर्णोद्धार एवं रंग-रोगन किया जाएगा।
बिजली मिस्त्रियों व सहयोगियों की बहाली :
नागरिकों की सुविधा के लिए न्यूनतम 3,600 आधुनिक स्ट्रीट लाइटों की खरीद और त्वरित अधिष्ठापन को मंजूरी दी गई है। प्रकाश व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए 11 महीने के दैनिक पारिश्रमिक पर बिजली मिस्त्रियों व सहयोगियों की दो नई टीमें बहाल की जाएंगी।
रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य :
पेयजल आपूर्ति के जोन-1 में डढ़वा नदी पर बने चेक डैम के इन्टेक वेल 01 से 02 तक सिल्ट सफाई (Desilting) का कार्य स्वीकृत किया गया। साथ ही, चापाकलों की ऊंचाई बढ़ाने, चबूतरों के सुदृढ़ीकरण और सेप्टिक टैंक, पानी टैंकर, आरओ वाटर निबंधन व चलंत शौचालय आदि के शुल्कों का निर्धारण किया गया। इसके साथ ही, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों में 'रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग' अनिवार्य कर दी गई है।
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण :
अर्बन चैलेंज फंड और पीपीपी (PPP) मोड के तहत फव्वारा चौक, पुराना बस स्टैंड, टाउन हॉल (नगर पुस्तकालय परिसर), पुराना नगर निगम कार्यालय और नंदन पहाड़ तालाब जैसी जगहों पर मल्टीलेवल पार्किंग, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, ओपन जिम और सुंदर पार्क का निर्माण किया जाएगा।
स्टेडियम पर निगम का नियंत्रण होगा :
प्रत्येक जोन में लाइब्रेरी की स्थापना, के.के.एन. स्टेडियम का प्रशासनिक नियंत्रण निगम के अधीन लेकर खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम और नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, मुख्य मार्गों पर रात्रि सफाई, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1,086 वैध लाभुकों को अनुदान राशि का भुगतान और सभी पार्षदों के लंबित मानदेय व भत्तों का शीघ्र भुगतान करने का निर्णय लिया गया।
इस बोर्ड बैठक में माननीय महापौर, माननीय उप महापौर, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त सहित सभी सम्मानित वार्ड पार्षद उपस्थित रहे, जिन्होंने देवघर को एक आदर्श और स्वच्छ नगर निकाय के रूप में स्थापित करने के अपने दृढ़ संकल्प को एक बार फिर दोहराया।