नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के हालिया अंतरिम आदेश के बाद सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। छात्रों पर हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में CJP के प्रमुख नेता दिपके ने एक बार फिर सड़क पर उतरकर बड़े पैमाने पर आंदोलन और प्रदर्शन करने का बड़ा ऐलान किया है।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जताई चिंता

CJP के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोर्ट का मौजूदा अंतरिम आदेश छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और हितों की पूरी तरह से रक्षा करने में नाकाफी है। संगठन का मानना है कि इस आदेश से छात्रों की समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं मिल पाया है, जिसके कारण छात्रों और युवाओं में भारी निराशा है।


छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध

प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की CJP ने कड़े शब्दों में निंदा की है। दिपके ने बयान जारी करते हुए कहा:


"छात्रों की आवाज को पुलिसिया बल और लाठियों के दम पर दबाया जा रहा है। लोकतांत्रिक देश में अपनी मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है। पुलिस की इस मनमानी और दमनकारी नीति के खिलाफ हम शांत नहीं बैठेंगे।"


फिर से बड़े आंदोलन की तैयारी

दिपके ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों को तुरंत न्याय नहीं मिला और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो CJP पूरे देश में छात्रों और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर दोबारा एक बड़ा और व्यापक प्रदर्शन करेगी।


संगठन ने आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन की तारीखों और रूपरेखा का खुलासा करने की बात कही है।