JLKM सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो JPSC-JSSC में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में छात्रों के समर्थन में पुराने विधानसभा परिसर में निर्जला उपवास पर बैठे। उन्होंने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च में शामिल होने की घोषणा की।
रांची/धनबाद। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन अब और तीव्र हो गया है। इस छात्र आंदोलन को मुकम्मल आधार देते हुए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो रविवार को रांची स्थित पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठ गए।
छात्रों के हक की आवाज बुलंद करते हुए जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक झारखंड के युवाओं को पारदर्शी परीक्षाएं और न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।
उपवास स्थल से मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
"झारखंड के युवा लंबे समय से सड़कों पर हैं। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं ने राज्य के लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। सरकार को हटधर्मिता छोड़कर छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और अविलंब सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।"
जयराम महतो ने घोषणा की कि 10 अगस्त को राज्यभर के छात्रों द्वारा आयोजित 'रांची विधानसभा घेरने (विधानसभा मार्च)' के कार्यक्रम में वह स्वयं सड़कों पर उतरेंगे।
JLKM का पूर्ण समर्थन: जयराम महतो ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया कि उनकी पार्टी JLKM इस विधानसभा मार्च को पूरा नैतिक और भौतिक समर्थन देगी।
10 अगस्त को राज्यभर से हजारों छात्रों और युवाओं के रांची जुटने की संभावना है।
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
JPSC और JSSC की हालिया परीक्षाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जाँच।
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ा कानून और दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी।
परीक्षा कैलेंडरों का कड़ाई से पालन और सभी पारदर्शी नियुक्तियों की समयबद्ध प्रक्रिया।
झारखंड की राजनीति और युवा आंदोलन के लिहाज से 10 अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयराम महतो के सीधे हस्तक्षेप से अब यह मामला केवल छात्रों का आंदोलन न रहकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
