जमशेदपुर में ठगी का सनसनीखेज खेल! साइबर अपराधियों ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (I4C) का ही क्लोन बना लिया। शिकायत करने पहुंचे लोग ही हो रहे हैं ठगी के शिकार।


कंचनक्रांति ब्यूरो, जमशेदपुर।

देशभर में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने वाले अधिकारिक भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के ऑनलाइन पोर्टल का साइबर ठगों ने 'क्लोन' (फर्जी हूबहू वेबसाइट) तैयार कर लिया है। अब ठगी का शिकार हुए लोग जब शिकायत करने इंटरनेट पर सर्च करते हैं, तो वे इस फर्जी पोर्टल के जाल में फंसकर दोबारा ठगे जा रहे हैं। जमशेदपुर में ऐसे 5 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।


ऐसे फंसाते हैं जाल में

·      असली जैसा लुक: ठगों ने I4C के शिकायत पेज का स्क्रीनशॉट लेकर मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाई है, जो सर्च करने पर असली जैसी ही दिखती है।

·      अकाउंट ब्लॉक करने की धमकी: जैसे ही पीड़ित इस फर्जी पोर्टल पर अपनी जानकारी भरते हैं, ठग उनसे संपर्क करते हैं। इसके बाद मोबाइल/बैंकिंग ब्लॉक होने का डर दिखाकर या शिकायत वेरिफिकेशन के नाम पर रुपयों की मांग की जाती है।

·      डेटा चोरी: कई मामलों में पीड़ितों से ओटीपी (OTP) और स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड कराकर बैंक खाते साफ किए गए हैं।


घाटशिला गिरोह पर शक, पुलिस जांच जारी

तकनीकी जांच और कॉल लोकेशन के आधार पर साइबर पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह जमशेदपुर के घाटशिला क्षेत्र से संचालित हो रहा है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए नंबरों की टावर लोकेशन इसी इलाके में मिली है। हालांकि, गिरोह द्वारा लगातार डिजिटल माध्यम और लोकेशन बदलने के कारण पुलिस अब तक किसी भी मामले का अंतिम निष्पादन (क्लोजर) नहीं कर पाई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।


साइबर विशेषज्ञों की सलाह: किसी भी सरकारी वेबसाइट पर जाने से पहले उसके वेब एड्रेस (URL) की बारीकी से जांच करें। इंटरनेट सर्च के दौरान 'स्पॉन्सर्ड' (Sponsored) या संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। कोई भी सरकारी पोर्टल आपसे फोन पर ओटीपी, बैंक डिटेल या स्क्रीन शेयरिंग की मांग नहीं करता है।

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