बिहार के मुंगेर जिले में थाने की चारदीवारी से 18 चक्का जब्त ट्रक गायब होने का मामला सामने आया है। खनन विभाग ने ट्रक पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। वहीं थाना प्रभारी ने मामले पर अनभिज्ञता जताई है।
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां पुलिस और खनन विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया एक 18 चक्का विशालकाय ट्रक थाने की चारदीवारी के भीतर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। इस मामले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने अवैध खनन व ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत 18 चक्का ट्रक को जब्त किया था। जब्ती के बाद वाहन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जमालपुर/स्थानीय थाना परिसर के अंदर खड़ा कराया गया था।
नियमानुसार, खनन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए उक्त ट्रक मालिक पर 11 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका गया था। जुर्माना चुकाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ट्रक अचानक थाने के सुरक्षा घेरे से नदारद हो गया।
18 चक्के वाले विशालकाय ट्रक के थाने से गायब होने की खबर जब फैली, तो पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे। इस पूरे घटनाक्रम पर जब थानाध्यक्ष से मीडिया या वरिष्ठ अधिकारियों ने सवाल किया, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था।
थाना प्रभारी ने बेपरवाही से कहा, "मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।"
थाने की बाउंड्री वॉल के अंदर से 18 पहियों वाले बड़े वाहन का रात के अंधेरे में या दिन-दहाड़े गायब हो जाना और थाना प्रमुख का जानकारी से इनकार करना, मामले में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत या भारी लापरवाही की ओर इशारा करता है।
उठ रहे कई गंभीर सवाल
जिस थाने के भरोसे आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा है, वहीं से 18 चक्के का ट्रक गायब हो जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।
बिना पुलिस की सह या लापरवाही के इतना बड़ा वाहन थाने से बाहर ले जाना व्यावहारिक रूप से असंभव सा प्रतीत होता है।
11 लाख रुपये का जुर्माना वसूल होने से पहले ही ट्रक का गायब होना सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को भी चूना लगाने जैसा है।
फिलहाल, मामले के तूल पकड़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच में जुट गए हैं और थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रक को कौन और कैसे बाहर ले गया।