बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत नए प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को मिलेगा अनुदान

विभागीय सचिव ने उद्यमियों के साथ की समीक्षा बैठक, हर जिले में दो-दो गन्ना नर्सरी बनाने का निर्देश


बिहार में चीनी और गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही है बंपर अनुदान। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और सचिव धर्मेंद्र सिंह ने की बड़ी समीक्षा बैठक।


राकेश रंजन, पटना।

बिहार में चीनी मिलों को मजबूत करने के साथ-साथ पारंपरिक गुड़ उद्योग को आधुनिक रूप देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों की लागत को कम करके उनकी आय में बढ़ोतरी करना है।

उन्होंने गुरुवार को बताया कि राज्य में गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नई गुड़ उत्पादन इकाइयां (प्लांट) स्थापित करने वाले उद्यमियों को आकर्षक अनुदान (Subsidy) दिया जा रहा है। चीनी मिलों और गुड़ इकाइयों को कच्चे माल की कमी न हो, इसके लिए गन्ना क्षेत्र के विस्तार का अभियान तेज कर दिया गया है।


समस्याओं का शीघ्र होगा समाधान, ऑनलाइन मिलेगी मदद

उधर, बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति जांचने के लिए विकास भवन स्थित विभाग के सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विभागीय पदाधिकारियों ने बैठक में आए उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि सरकार गन्ना किसानों और व्यवसायियों की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन करने से लेकर अनुदान (सब्सिडी) के भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी हो, ताकि किसी को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।


हर जिले में बनेंगी दो-दो गन्ना नर्सरी

गन्ना उत्पादन को बढ़ाने और किसानों को बेहतर क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो अत्याधुनिक गन्ना नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभाग द्वारा जिलावार लक्ष्य तय कर क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।


उद्यमियों ने रखी अपनी मांगें, दिए कई सुझाव

विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य भर से आए गुड़ उद्यमियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए:-


प्रोजेक्ट कॉस्ट का अपडेशन: उद्यमियों ने कहा कि योजनाओं की प्रोजेक्ट कॉस्ट पुरानी हो चुकी है, इसे वर्तमान बाजार के अनुसार अपडेट किया जाए।

मशीनरी सप्लायरों की सूची: आधुनिक कृषि और प्रसंस्करण यंत्रों के लिए प्रमाणित सप्लायरों की लिस्ट किसानों को उपलब्ध कराई जाए।

ट्रेनिंग और गैर-चीनी मिल क्षेत्र: किसानों और गुड़ उद्योग से जुड़े नए उद्यमियों के लिए विशेष प्रशिक्षण (Training) सत्र आयोजित किए जाएं और उन क्षेत्रों में भी गन्ना उत्पादन बढ़ाया जाए जहां चीनी मिलें नहीं हैं।

बिजली व सुरक्षा: जंगली जानवरों से फसल की बर्बादी रोकने के उपाय किए जाएं और ग्रामीण इलाकों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो।

बैठक में रहे मौजूद: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह के अलावा ईख आयुक्त श्री अनिल कुमार झा, संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्यमी उपस्थित थे।

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