रायबरेली (उत्तर प्रदेश)।जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने और गांव-गांव तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। शहर में आशा बहुओं के चयन का कार्य पूरा होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़े 150 पदों को भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के पूरा होते ही ग्रामीणों को ग्राम स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।

गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को मिलेगा सीधा लाभ

आशा बहुओं की तैनाती से मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं (प्रसूताओं) को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। गांव-गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) को बढ़ावा देने में आशा बहुओं की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।

स्वास्थ्य सेवा की मुख्य कड़ी:कोरोना काल जैसी विकट परिस्थितियों में भी आशा बहुओं ने गांवों में घर-घर जाकर संदिग्धों की पहचान की और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में भी वे शत-प्रतिशत टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव के लक्ष्य को पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही हैं।

150 जल्द शुरू होगी चयन प्रक्रिया

जिले में कुल 179 पद खाली थे, जिनमें से शहरी क्षेत्र की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों के 150 रिक्त पदों को भरने के लिए कागज़ी और प्रशासनिक कवायद तेज़ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से पूरा कर लिया जाएगा, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा और अधिक मजबूत हो सके।