नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, "हमारा समय बर्बाद न करें और अपना समय भी बर्बाद न करें।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं के पास संबंधित हाईकोर्ट जाने का प्रभावी और वैकल्पिक कानूनी उपाय उपलब्ध है। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा।"
न्यायालय ने तत्काल सुनवाई के अनुरोध को ठुकराते हुए कहा, “Don't waste our time, and don't waste your time." और स्पष्ट किया कि “We don't have time. We don't want to watch videos.”, जैसा कि NDTV Profit की रिपोर्ट में बताया गया है
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि संविधान के तहत हाईकोर्ट को भी ऐसे मामलों में पर्याप्त अधिकार प्राप्त हैं और याचिकाकर्ता वहां अपनी शिकायत लेकर जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया।
याचिका में छात्र प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और उससे संबंधित कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। हालांकि, अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की और केवल न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद भी किसी पक्ष को राहत नहीं मिलती है, तो वह कानून के अनुसार आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर दोहराया कि जहां प्रभावी वैकल्पिक कानूनी मंच उपलब्ध हो, वहां सीधे सर्वोच्च न्यायालय का रुख करने के बजाय पहले संबंधित हाईकोर्ट में याचिका दायर की जानी चाहिए।
