बेतिया। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में 'स्नेक लेडी' के नाम से प्रसिद्ध 55 वर्षीय जानकी देवी उस समय गंभीर हादसे का शिकार हो गईं, जब एक 10 फीट लंबे किंग कोबरा का रेस्क्यू करने के दौरान सांप ने उन्हें डंस लिया। राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार, जानकी देवी को वाल्मीकि नगर क्षेत्र में एक बड़े किंग कोबरा के होने की सूचना मिली थी। वह मौके पर पहुंचीं और काफी सावधानी के साथ सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद वह सांप को अपने गले में लपेटकर लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवा रही थीं। इसी दौरान अचानक किंग कोबरा ने उनके हाथ पर काट लिया।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सांप के डंसने के बावजूद जानकी देवी ने घबराहट नहीं दिखाई। उन्होंने पहले किंग कोबरा को सुरक्षित तरीके से काबू में किया, ताकि वह किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा सके। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए नेपाल के त्रिवेणी अस्पताल ले जाया गया।


अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने के कारण उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल जानकी देवी खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।


जानकी देवी पिछले 26 वर्षों से अधिक समय से सांपों के संरक्षण और रेस्क्यू का काम कर रही हैं। पश्चिम चंपारण और आसपास के इलाकों में उन्हें 'स्नेक लेडी' के नाम से जाना जाता है। अब तक वह सैकड़ों विषैले और गैर-विषैले सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ चुकी हैं। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना होती रही है।


वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विषैले सांप का रेस्क्यू केवल प्रशिक्षित व्यक्ति को ही करना चाहिए। साथ ही रेस्क्यू के बाद सांप के साथ फोटो खिंचवाने या अनावश्यक संपर्क से बचना चाहिए, क्योंकि तनाव की स्थिति में सांप कभी भी हमला कर सकता है।