गयाजी जिले के कोंच प्रखंड की 2 साल 10 महीने की वाणी कांत ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) में नाम दर्ज कराया है। उसने केवल 3 मिनट 32 सेकंड में 45 एशियाई देशों के झंडे देखकर उनके नाम बताए।


गयाजी। जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोलना और रंगों की पहचान करना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में गया जिले के कोंच प्रखंड (उतरैन गांव) की महज 2 वर्ष 10 महीने की वाणी कांत ने अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति से सबको हैरान कर दिया है। नन्हीं वाणी ने 45 एशियाई देशों के राष्ट्रीय ध्वजों (Flags) को पहचानकर केवल 3 मिनट 32 सेकंड में उनके नाम बता दिए। इस अद्भुत उपलब्धि के लिए उन्हें 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (IBR) ने 'आईबीआर अचीवर' की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया है।


वाणी को ए, बी, सी, डी या किसी भी तरह की औपचारिक पढ़ाई का ज्ञान नहीं है और वह अभी बोतल से दूध पीती है, लेकिन झंडा सामने आते ही बिना रुके देश का सही नाम बोल देती है।


पिता ने खेल-खेल में कराया अभ्यास

वाणी के पिता रविकांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने घर पर खेल-खेल के दौरान फ्लैश कार्ड के जरिए वाणी को विभिन्न देशों के झंडे दिखाना शुरू किया था। देखते ही देखते वाणी की पकड़ मजबूत होती गई और वह हर झंडे को देखकर तुरंत देश का नाम बताने लगी।


रिकॉर्ड बनने का सफर:

जून 2026: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया।

सत्यापन: संस्था द्वारा वीडियो, फोटो और जन्म प्रमाणपत्र की गहन जांच की गई।

29 जून 2026: रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि हुई और वाणी को मेडल, बैज, पहचान पत्र व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।


अगले रिकॉर्ड की तैयारी: 153 देशों के झंडे पहचान रही हैं वाणी

17 अगस्त 2023 को जन्मी वाणी की प्रतिभा यहीं नहीं थमी है। परिजनों के अनुसार, वाणी अब तक 153 देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बोलना सीख चुकी है। परिवार ने 127 देशों के झंडों की त्वरित पहचान के लिए एक और नए रिकॉर्ड का आवेदन भेजा है।


बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने वाली वाणी की इस सफलता से पूरे जिले और राज्य में खुशी का माहौल है।