भाजपा नेता चंद्रशेखर खवाड़े ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर श्रावणी मेले के दौरान बाबा धाम में बदहाली, पेयजल की किल्लत और स्थानीय व्यापारियों के आर्थिक दोहन के गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवघर । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर खवाड़े ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर श्रावणी मेला व्यवस्थाओं को लेकर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सावन की शुरुआत में श्राइन बोर्ड की बैठक में श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव और बेहतर सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद निराशाजनक है।
श्री खवाड़े ने आरोप लगाया कि भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मुख्य मार्गों पर कांवरियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे स्थानीय दुकानों और रास्तों पर आवागमन बाधित हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुगम निकासी के लिए सभी दरवाजों का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि एक ही दिशा में दबाव न बने।
भाजपा नेता ने धार्मिक भावनाओं और स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को कथित तौर पर दूसरों के जूठे हाथों से जल अर्पित करना पड़ रहा है। इसके अलावा कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल का अभाव है। उन्होंने कहा कि जो पानी के पाउच बांटे जा रहे हैं, उन्हें बिना दांत से काटे खोलना बेहद कठिन है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चंद्रशेखर खवाड़े ने देवघर के स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, दुकानदारों और नागरिकों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि नगर निगम भारी-भरकम टैक्स वसूल रहा है, जबकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। अनियमित बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय व्यापार ठप हो रहा है और आवाज उठाने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है।
अंत में उन्होंने मांग की कि करोड़ों रुपये के बजट का पारदर्शी इस्तेमाल करते हुए सरकार केवल प्रचार करने के बजाय धरातल पर ठोस कदम उठाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के साथ-साथ देवघर के स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाए।
