झारखंड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच की राँची में हुई आम सभा। स्व. हनुमान सरावगी की जयंती पर ई-पत्रिका ‘दूसरी आवाज’ के चौथे अंक का विमोचन और भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन। पढ़ें पूरी रिपोर्ट कंचन क्रांति न्यूज पर।
कंचन क्रांति न्यूज, राँची।
झारखंड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच की आम सभा की बैठक रविवार को होटल सिटी पैलेस के सभागार में धूमधाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर मंच के संरक्षक एवं प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय हनुमान सरावगी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई, साथ ही हिमकर श्याम द्वारा संपादित ई-पत्रिका ‘दूसरी आवाज’ के चौथे अंक का भव्य विमोचन किया गया। बैठक एवं समारोह की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की।
समारोह के दौरान अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने मंच की अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए इसके सुदृढ़ीकरण एवं विकास के लिए उपस्थित सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित किए। बैठक में सर्वसम्मति और ध्वनिमत से आगामी बजट का अनुमोदन किया गया।
साहित्यिक संध्या और कवि गोष्ठी का आयोजन
आम सभा की औपचारिक बैठक के पश्चात स्व. हनुमान सरावगी की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य कवि गोष्ठी और साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद रिंकू बैनर्जी ने मनमोहक सरस्वती वंदना और महात्मा गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ प्रस्तुत किया। मंच के सचिव विनोद सिंह ‘गहरवार’ ने सभा में उपस्थित सभी कवि-कवयित्रियों एवं प्रबुद्धजनों का स्वागत किया।
इस गरिमामयी अवसर पर मंच के संरक्षक व स्व. हनुमान सरावगी के पुत्र विनय सरावगी को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ई-पत्रिका के संपादक हिमकर श्याम ने अपने संबोधन में कहा कि ‘दूसरी आवाज’ साहित्य और संस्कृति के विविध स्वरों को मुखर मंच प्रदान करने का एक निरंतर प्रयास है।
हनुमान सरावगी के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने हनुमान सरावगी के विराट व्यक्तित्व, उद्यमशीलता, लोक-संग्रह की भावना तथा उनके सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक अवदानों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय ने सरावगी जी से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनकी दानशीलता और समाजसेवा को रेखांकित किया। विनय सरावगी ने अपने पिता की साहित्यिक यात्रा तथा उनके सामाजिक व राजनीतिक योगदान से जुड़े कई अनछुए प्रसंग साझा किए।
समारोह के दूसरे चरण में आयोजित कवि गोष्ठी में कई नामी रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से स्व. सरावगी को श्रद्धांजलि दी। काव्य-पाठ करने वालों में संजय सरस, डॉ. सुरिन्दर कौर ‘नीलम’, सुनीता अग्रवाल, रेणु त्रिवेदी मिश्र, आत्मेश्वर झा, प्रतिभा सिंह, सूरज श्रीवास्तव, डॉ. अँजेश कुमार, डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, रेणु झा ‘रेणुका’, रेणु बाला धार, राज रामगढ़ी, हिमकर श्याम, नेहाल हुसैन सरैयावी, प्रज्ञाकांत पाठक, विकास वर्द्धन, डॉ. निराला पाठक, पंकज सिंह, असीत कुमार, कृष्णा विश्वकर्मा ‘बादल’, डॉ. वैद्यनाथ मिश्र और बिनोद सिंह ‘गहरवार’ शामिल रहे।
समारोह के अध्यक्ष ने सभी रचनाकारों की कविताओं की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मंच के संयुक्त सचिव डॉ. वैद्यनाथ मिश्र ने किया। इस अवसर पर कमलेश्वर प्रसाद, शिवचन्द्र प्रसाद, निरंजन कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। अंत में मंच के उपाध्यक्ष असीत कुमार के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
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