गोरखपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'मिशन सेव इन इंडिया' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर एन सिंह ने सत्ता के अहंकार पर जनता के आक्रोश की सबसे बड़ी जीत बताया है।


गोरखपुर से जारी एक बेहद आक्रामक और तीखे बयान में डॉ. सिंह ने सीधे शब्दों में कहा कि इस कदम ने साबित कर दिया है कि जब लोकशक्ति जागती है, तो निजाम को घुटने टेकने ही पड़ते हैं।

27 दिनों का महासंग्राम: छात्रों और सोनम वांगचुक के आगे झुकी सत्ता


सरकार को आड़े हाथों लेते हुए डॉ. आर एन सिंह ने कहा, "26-27 दिनों तक सड़कों पर चली ऐतिहासिक हड़ताल ने तानाशाह रवैये को उखाड़ फेंका है। देश के छात्रों, जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और चट्टान की तरह खड़े विपक्ष ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक है। इन सभी को दिल से बधाई।"

"युवाओं पर लाठियां भांजने वाला देश कैसे बनेगा महाशक्ति?"


डॉ. सिंह ने सरकार की दमनकारी नीति पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि, "जिस देश के भविष्य को, हमारे होनहार छात्रों को 30 दिनों तक सड़कों पर लाठियों, डंडों और पैलेट गन से बेरहमी से घसीटा गया, क्या वह देश कभी विश्व की महाशक्ति बन सकता है? जब देश का नौजवान ही सड़कों पर लहूलुहान होगा, तो वह राष्ट्र को मजबूत कंधे कैसे देगा?"

सरकार की जिद ने कराई देशव्यापी फजीहत


उन्होंने कहा कि सरकार की बेतुकी जिद ने पूरी दुनिया में भारत की किरकिरी करा दी है। डॉ. सिंह के मुताबिक, "अगर छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े थे, तो सत्ता को यह बात पहले ही मान लेनी चाहिए थी। तब सरकार की इतनी थू-थू नहीं होती, जितनी जिद पर अड़े रहने के कारण अब पूरे देश और दुनिया के सामने हो चुकी है।"

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "खैर, सत्ता का गुरूर टूटा और अंत भला तो सब भला। लेकिन व्यवस्था यह याद रखे कि युवाओं के हक को लाठियों के दम पर दबाया नहीं जा सकता।"