देवघर में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक सप्ताह के तहत नंदन पहाड़ लेक पर उमड़ा युवाओं का सैलाब। खेल और पर्यावरण के अंतर्संबंधों को रेखांकित कर दिया संरक्षण का संदेश। इनडोर स्टेडियम में सजी ओलंपिक पेंटिंग प्रदर्शनी।
कंचनक्रांति ब्यूरो, देवघर। खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के साथ सह-अस्तित्व की कला भी सिखाता है। इसी प्रगतिशील सोच के साथ, देवघर जिला ओलंपिक संघ के तत्वाधान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक सप्ताह के तहत आज नंदन पहाड़ लेक परिसर एक बड़े पर्यावरणीय आंदोलन का गवाह बना। जिले के उभरते खिलाड़ियों और युवाओं ने नंदन पहाड़ लेक के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecology) को बचाने के लिए एक वृहद संरक्षण सह स्वच्छता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य खेल परिसरों और प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना है।
इस वैचारिक क्रांति की अगुवाई कर रहे डॉ. सुनील खवाड़े ने युवाओं को संबोधित करते हुए खेल और पर्यावरण के अंतर्संबंधों को बेहद गरिमामय ढंग से परिभाषित किया। उन्होंने कहा:
"स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक तात्कालिक आदत नहीं, बल्कि सभ्य समाज का बुनियादी कर्तव्य है। एक प्रदूषित वातावरण में कभी भी उत्कृष्ट और स्वस्थ खिलाड़ियों का निर्माण नहीं हो सकता। खेल और प्रकृति दोनों ही हमें अनुशासन, धैर्य और संरक्षण की भावना सिखाते हैं। आज का यह प्रयास देवघर के खेल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
इको-स्पोर्ट्स मॉडल: युवाओं और खेल अकादमियों ने पेश की मिसाल
नंदन पहाड़ लेक के प्राकृतिक स्वरूप को संवारने के लिए जिले की अग्रणी खेल संस्थाओं ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। स्विमिंग शार्क एकेडमी, रनिंग टीम और 'देवघर यूथ' की टीम के सदस्यों ने इस अभियान में शामिल होकर यह संदेश दिया कि खिलाड़ी केवल पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने के लिए भी पसीना बहाते हैं।
इस महत्वपूर्ण पारिस्थितिक अभियान को धरातल पर उतारने में रोहित रंजन, मुन्ना पासवान, सचिन यादव, दिवाकर कुमार, अनुराग रंजन, मानव, मानवी, अखिलेश कुमार, शिवम कुमार और रौशन कुमार सहित विभिन्न विंग्स के युवाओं ने अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी।
कैनवास पर उतरी खेल भावना: इनडोर स्टेडियम में ओलंपिक आर्ट गैलरी
पर्यावरणीय चेतना के साथ-साथ युवाओं की रचनात्मकता को मंच देने के लिए कुमार कार्तिकेय इनडोर स्टेडियम में एक राज्य स्तरीय विजन वाली 'चित्रकला प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। इस कला उत्सव का मुख्य विषय 'ओलंपिक खेल और वैश्विक शांति' रखा गया था।
प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें 9 बालिकाओं और 15 बालकों सहित कुल 24 चयनित कला-साधकों ने हिस्सा लिया। इन युवा कलाकारों ने अपनी तूलिका (ब्रश) और रंगों के माध्यम से कैनवास पर ओलंपिक के इतिहास, भविष्य की चुनौतियों और खेल भावना के वैश्विक महत्व को बेहद खूबसूरती से उकेरा, जिसे देखने खेल प्रेमी उमड़ पड़े।
28 जून को महासमागम: राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सितारे होंगे सम्मानित
गत 23 जून को हरित संकल्प (पौधारोपण) के साथ शुरू हुए इस ऐतिहासिक ओलंपिक सप्ताह का भव्य समापन और सम्मान समारोह 28 जून को आयोजित किया जाएगा। इस समापन समारोह में देवघर जिले का नाम राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रोशन करने वाले उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही, आज आयोजित हुई चित्रकला प्रतियोगिता में अपनी कला का लोहा मनवाने वाले सर्वश्रेष्ठ 3 बालकों और 3 बालिकाओं को भी इसी मुख्य मंच पर गरिमामय ढंग से पुरस्कृत किया जाएगा। जिला ओलंपिक संघ का यह बहुआयामी आयोजन देवघर के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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