छाताबाद में भू-धसान का दायरा बढ़ने से कई घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे लोग बेघर हो गए हैं। बीसीसीएल ने राहत शिविर बनाया है। जानें पूरी खबर, कारण और स्थानीय लोगों की मांगें।


कतरास। झरिया कोलियरी क्षेत्र के कतरास अंतर्गत छाताबाद क्षेत्र में भूमिगत आग और अवैध खनन के प्रभाव से भू-धसान का दायरा लगातार खतरनाक रूप से बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब अन्य आधा दर्जन रिहायशी आवासों में भी चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। अपने आशियानों को आंखों के सामने दरकते देख सहमे लोगों ने मजबूरी में अपने घर खाली कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। प्रभावित परिवारों के लिए अटल क्लिनिक के पास एक विशेष राहत शिविर कैंप का निर्माण कराया गया है। इस राहत शिविर में बेघर हुए सभी प्रभावित लोगों के रहने और उनके खान-पान की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें फौरी राहत मिल सके।

अपने घरों से बेघर हुए और भविष्य को लेकर चिंतित प्रभावित परिवारों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। मुआवजे और स्थायी पुनर्वास (Rehabilitation) की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और प्रभावित लोगों ने कतरास-भटमुरना मुख्य मार्ग को मस्जिद के समीप पूरी तरह से जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सिर्फ अस्थायी राहत शिविर से काम नहीं चलेगा, बल्कि कोलियरी प्रबंधन को विस्थापित परिवारों के लिए स्थायी आवास और उचित मुआवजा जल्द से जल्द सुनिश्चित करना चाहिए।

सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम को हटवाया। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।


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