झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला सुपरवाइजर के 444 पदों पर नियुक्ति मामले में अभ्यर्थियों को राहत देने वाले एकलपीठ के आदेश पर स्टे लगा दिया है। JSSC की याचिका पर 6 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।
रांची। झारखंड हाईकोर्ट से महिला सुपरवाइजर (Female Supervisor) नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस आदेश पर interim stay (रोक) लगा दिया है, जिसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा खारिज की गई अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी को बहाल करने का निर्देश दिया गया था।
यह आदेश कार्यवाहक/चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की युगल पीठ (Division Bench) ने JSSC द्वारा दाखिल की गई अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
JSSC द्वारा आयोजित की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के वक्त कुछ अभ्यर्थियों के कागजातों में त्रुटि/कमी पाई गई थी। इसके आधार पर आयोग ने उनकी उम्मीदवारी (candidature) को रद्द कर दिया था।
JSSC के इस फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आयोग के फैसले को निरस्त कर दिया था और JSSC को आदेश दिया था कि वह इन अभ्यर्थियों को पुनः नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करे।
खंडपीठ में JSSC की चुनौती: एकलपीठ के इसी निर्देश को JSSC ने खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी, जिस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की अदालत ने एकलपीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
खंडपीठ द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब अभ्यर्थियों को मिलने वाली त्वरित राहत पर फिलहाल विराम लग गया है। अदालत इस मामले पर विस्तृत सुनवाई 6 अक्टूबर को करेगी।
अब 6 अक्टूबर की सुनवाई में यह तय होगा कि दस्तावेज सत्यापन में खारिज अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में मौका मिलेगा या JSSC का मूल फैसला बरकरार रहेगा।
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