रांची में छात्र आंदोलन की कवरेज के दौरान टीवी पत्रकार अमन चोपड़ा को झारखंड पुलिस ने हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद मीडिया जगत में हलचल तेज हो गई है और सिलेक्टिव कवरेज को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।


रांची। झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां छात्र आंदोलन की कवरेज करने पहुंचे वरिष्ठ टीवी पत्रकार अमन चोपड़ा को झारखंड पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने यह कार्रवाई उस वक्त की जब अमन चोपड़ा सुबह नाश्ता कर रहे थे।


अमन चोपड़ा राज्य में चल रहे युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के सिलसिले में रांची आए हुए थे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद जहां एक तरफ मीडिया जगत और पत्रकारिता से जुड़े हलकों में हलचल मच गई है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।


इस घटना के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर लोग पत्रकारिता के तरीकों और 'सिलेक्टिव कवरेज' को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि राजधानी दिल्ली में करीब महीने भर तक युवाओं और छात्रों का 'Gen Z आंदोलन' चलता रहा, लेकिन उस दौरान इस बड़े मुद्दे पर नेशनल मीडिया की ओर से वैसी सक्रियता देखने को नहीं मिली।


उत्तराखंड के देहरादून में पेपर लीक और भर्ती धांधली को लेकर युवा हफ्तों तक सड़कों पर डटे रहे और आंदोलन करते रहे, लेकिन वहां भी इस स्तर की कवरेज नहीं दिखी।


दिल्ली और देहरादून जैसे बड़े आंदोलनों को नजरअंदाज कर सीधे रांची में जारी छात्र प्रदर्शन पर अचानक इतनी तत्परता दिखाने को लेकर कई लोग अमन चोपड़ा और मुख्यधारा की मीडिया की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।


हालांकि, झारखंड पुलिस की ओर से अभी तक हिरासत में लिए जाने के स्पष्ट कारणों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि अमन चोपड़ा से किसी विशेष मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।


फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से रांची के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है और इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से नया मोड़ ले लिया है।