काठमांडू। नेपाल सरकार ने भारत से अनुरोध किया है कि भारत आने वाले नेपाली नागरिकों के लिए राष्ट्रीय पहचान पत्र (National Identity Card-NID) को वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाए। यह जानकारी रविवार को नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
नेपाल का कहना है कि यदि भारत राष्ट्रीय पहचान पत्र को यात्रा दस्तावेज के रूप में स्वीकार कर लेता है तो दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। वर्तमान में भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा के एक-दूसरे के देश की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान पहचान के लिए कुछ निर्धारित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
नेपाल सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय पहचान पत्र को मान्यता मिलने से नागरिकों को पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता कम होगी और सीमा पार आवागमन अधिक सुविधाजनक बन सकेगा।
नेपाल के संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में भारत सरकार के समक्ष औपचारिक अनुरोध रखा है। अब इस प्रस्ताव पर भारत की ओर से विचार किया जाना बाकी है। यदि भारत इस अनुरोध को स्वीकार करता है, तो दोनों देशों के बीच यात्रा प्रक्रिया और अधिक सरल होने की संभावना है।
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बेहद घनिष्ठ रहे हैं। दोनों देशों के नागरिक रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से नियमित रूप से सीमा पार यात्रा करते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय पहचान पत्र को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता मिलने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।
