इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। लश्कर के रिजवान हनीफ ने वीडियो में कबूला कि पाकिस्तान और PoK में अब तक उनके 30 से ज्यादा आतंकी अज्ञात लोगों द्वारा मारे जा चुके हैं।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित कुबा मस्जिद के बाहर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन घटना के समय और परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कारी सईद ने नमाज पढ़ने के लिए कुबा मस्जिद पहुंचने से ठीक पहले एक स्थानीय रेस्टोरेंट में खाना खाया था। इसके बाद जैसे ही वह मस्जिद के मुख्य द्वार पर पहुंचा, अचानक गश्त खाकर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कारी सईद लश्कर-ए-तैयबा के उस महत्वपूर्ण विभाग का प्रमुख था, जो जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के परिवारों को वित्तीय और अन्य सहायता मुहैया कराता था।
सईद की अचानक मौत की खबर ऐसे समय में सामने आई है जब लश्कर के ही एक बड़े ऑपरेटिव रिजवान हनीफ का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हनीफ ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान 'अज्ञात लोगों' ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में संगठन के करीब 30 से अधिक सदस्यों को ढेर कर दिया है।
यह पहला मौका है जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी शीर्ष आतंकी ने अपने कैडर्स की टार्गेट किलिंग की बात को खुले तौर पर माना है। रिजवान हनीफ के अनुसार, पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावालाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे प्रमुख शहरों में लश्कर के आतंकियों को निशाना बनाया गया है।
गौरतलब है कि लश्कर-ए-तैयबा 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (जिसमें 166 निर्दोष लोगों की जान गई थी) का मुख्य जिम्मेदार संगठन है। अल-कायदा और तालिबान से नजदीकी संबंधों के चलते संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2005 में ही इस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। पाकिस्तान के भीतर लगातार हो रही इन रहस्यमयी मौतों और टार्गेट किलिंग्स ने आतंकी संगठनों के साथ-साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
