देवघर जिले में उर्वरक बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए FFS (Framework for Fertilizer Sale) प्रणाली का शुभारंभ किया गया है। सूचना भवन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सुरेश पासवान और डीडीसी ने इसकी शुरुआत की, जिससे किसानों को घर बैठे खाद बुकिंग की सुविधा मिलेगी।

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर

झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (कृषि प्रभाग) द्वारा उर्वरक बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 'Framework for Fertilizer Sale' (FFS) प्रणाली का जिले में पायलट रूप में बुधवार (23 सितंबर 2026) को शुभारंभ किया गया। स्थानीय सूचना भवन के सभागार में आयोजित इस उद्घाटन समारोह का शुभारंभ देवघर विधायक श्री सुरेश पासवान और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्री पीयूष कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (ATMA), जिला उद्यान पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिकों के साथ-साथ जिले के लगभग 250 उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।

किसानों के बिना देश नहीं चल सकता: विधायक सुरेश पासवान

समारोह को संबोधित करते हुए देवघर विधायक श्री सुरेश पासवान ने कहा कि किसानों के बिना देश की परिकल्पना नहीं की जा सकती है, क्योंकि कृषि हमारे जीवन और आजीविका का मुख्य आधार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बदलते दौर में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग समय की मांग है। 'FFS' जैसी तकनीकी व्यवस्था से न केवल किसानों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि उर्वरक वितरण प्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी। उन्होंने सभी किसानों और उर्वरक विक्रेताओं से इस नई व्यवस्था को सफल बनाने में पूरा सहयोग करने की अपील की।

क्या है FFS प्रणाली और इससे क्या होंगे लाभ?

उप विकास आयुक्त श्री पीयूष कुमार सिन्हा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि FFS एक तकनीक-आधारित आधुनिक व्यवस्था है। इसके माध्यम से किसानों को उनकी कुल उपलब्ध भूमि और फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को आवश्यकता से अधिक खाद के उपयोग से बचाया जा सकेगा और उर्वरक वितरण में कालाबाजारी पर रोक लगेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि प्रारंभिक चरण में किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आती है, तो उसकी तुरंत सूचना विभाग को दें ताकि उसका त्वरित समाधान किया जा सके।

इस प्रकार काम करेगी नई ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया

ऑनलाइन बुकिंग: किसान घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे।

जरूरी विवरण: बुकिंग के दौरान किसानों को अपनी भूमि से संबंधित आवश्यक विवरण ([Aadhaar Redacted]) उपलब्ध कराना होगा।

QR कोड और टोकन: ऑनलाइन बुकिंग पूरी होने के बाद किसानों को QR Code या टोकन प्राप्त होगा, जिसे दिखाकर वे अधिकृत विक्रेता से आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल रिकॉर्ड: इस पूरी प्रक्रिया के तहत उर्वरक के स्टॉक और वितरण का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि संचालन के दौरान यदि किसी किसान या उर्वरक विक्रेता को कोई तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो वे अपने संबंधित प्रखंड के BTM (ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर) या संबंधित विभागीय पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी उर्वरक विक्रेताओं से अपील की गई कि वे नियमों का पालन करते हुए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही खाद उपलब्ध कराएं। साथ ही, किसानों से भी आग्रह किया गया कि वे केवल अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं से ही सही प्रक्रिया अपनाकर उर्वरक की खरीदारी करें।

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