कंचनक्रांति ब्यूरो, पटना। अभी हाल ही में बिहार की राजधानी पटना के प्रमुख स्टेशनों में से एक पाटलिपुत्र स्टेशन पर यात्रियों ने जब बवाल काटा था। ये सभी छात्र थे, जो पटना में आयोजित होने वाली मद्य निषेध की परीक्षा देने आए थे। इन छात्रों की ट्रेन लेट हो गई थी और वे परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। छात्रों ने विरोध स्वरूप पाटलिपुत्र स्टेशन पर जबकर बवाल काटा था। 2 से 3 घंटे तक स्टेशन परिसर रणक्षेत्र बना हुआ था। छात्रों का कहना था कि ट्रेन की लेटलतीफी के कारण हमारा भविष्य बर्बाद हो गया।
न जानें ऐसे ही सैकड़ों उदाहरण हम रोजाना देखते हैं।
ट्रेन से ऑफिस जाने वाले यात्रियों को अक्सर देर से पहुंचने पर डांट भी सुननी पड़ती है। इनमें सबसे ज्यादा कारण ट्रेनों के आउटर सिग्नल पर खड़ा होने से होता है।
पर अब भारतीय रेलवे इसमें बदलाव करने जा रही है। आइए जानते हैं प्रमुख बदलाव:
-अब देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों पर ट्रेनें आउटर पर रेंगने के बजाय, यार्ड रीमॉडलिंग और आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक की मदद से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सीधे प्लेटफॉर्म पर प्रवेश कर सकेंगी।
-इससे आउटर पर ट्रेनों के रुकने की समस्या खत्म हो जाएगी। यात्रियों के सफर में करीब तीन घंटे तक की बचत होगी और औसत गति में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
-वर्तमान में पटरियों के घुमावदार मोड़ होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से गति 30 किमी/घंटा तक सीमित थी। अब नए सीधे एलाइनमेंट और आधुनिक गियर्स लगाए जा रहे हैं।
