देवघर श्रावणी मेला 2026 की पहली सोमवारी पर 3.17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया। जानिए 7 किमी लंबी कतार, प्रशासनिक व्यवस्था और मातृत्व विश्राम गृहों की पूरी रिपोर्ट।
कंचन क्रांति ब्यूरो, देवघर।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 की पहली सोमवारी और मेले के पांचवें दिन बाबा नगरी देवघर में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह 04:15 बजे से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण प्रारंभ हुआ। पहली सोमवारी के पावन अवसर पर कुल 3,17,494 श्रद्धालुओं ने बाबा धाम में जल अर्पित किया। जिला प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण के लिए की गई व्यवस्था के तहत बाह्य अर्घा के माध्यम से 2,05,236 और आंतरिक अर्घा के जरिए 112,258 कांवरियों ने सुलभ जलार्पण किया।
7 किलोमीटर लंबी कतार, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हुई शिवनगरी

सोमवार के विशेष महत्व को देखते हुए बाबा बैद्यनाथ मंदिर से लगभग 7 किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालु भारी उत्साह के साथ 6 से 7 घंटे कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पूरे मेला क्षेत्र में 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष गूंजते रहे।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। देवघर डीसी (उपायुक्त) स्वयं पूरे मेला क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं देवघर पुलिस अधीक्षक (SP) भी व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग कर निरीक्षण कर रहे हैं। किसी भी श्रद्धालु या 'बम' को कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी (Magistrates) और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सेवा भाव की मिसाल: 34 सहायता केंद्र और 10 मातृत्व विश्राम गृह बने सहारा
मेला क्षेत्र में आए देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुगमता और सहायता के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए 34 सूचना सह सहायता केंद्र और 10 मातृत्व विश्राम गृह पूरी तरह सक्रिय रहे। यहाँ तैनात कर्मियों ने 'सेवा ही संकल्प' की भावना के साथ कार्य किया।
सूचना सह सहायता केंद्र
आधुनिक संचार व्यवस्था से लैस इन 34 केंद्रों के माध्यम से कांवरियों को मार्ग निर्देशन, मानवीय सहायता, सुलभ जलार्पण की जानकारी और खोए-पाए सामान/अपनों से बिछड़े लोगों की त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई गई।
मातृत्व विश्राम गृह
महिला कांवरियों, धात्री माताओं और शिशुओं की देखभाल के लिए 10 मातृत्व विश्राम स्थलों का संचालन किया गया। पहली सोमवारी के भारी दबाव के बावजूद महिला कर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धात्री माताओं को विश्राम, नवजातों को दुग्धपान और प्राथमिक चिकित्सा राहत संबंधी सुविधाएं प्रदान कीं।

श्रद्धालुओं ने जताया आभार, प्रशासन की पहल को सराहा
बिहार से आईं अंजू बम और संजू बम ने बताया कि छोटे बच्चों के साथ यात्रा के दौरान विश्राम गृह में तुरंत दूध की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई, जिससे उन्हें बहुत बड़ी राहत मिली।
मेला क्षेत्र में मिल रही सुविधाओं से अभिभूत होकर श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की खुलकर तारीफ की। लंबी और थकाऊ यात्रा के बाद महिला कांवरियों के लिए मातृत्व विश्राम गृह की सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। प्रशासन ने मां और बच्चे दोनों की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा है।
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