पटना। बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने वर्ष 2030-31 तक 50 लाख युवाओं के कौशल विकास का रोडमैप तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 16 सरकारी विभाग अलग-अलग ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। साथ ही उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप स्किल डेवलपमेंट के लिए देश की प्रमुख कंपनियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
इस साल 4.65 लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
विभाग ने अगले पांच वर्षों के लिए वर्षवार लक्ष्य निर्धारित किया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4 लाख 65 हजार 740 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद हर साल 11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर वर्ष 2030-31 तक 50 लाख का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
वर्षवार कौशल विकास लक्ष्य
वित्तीय वर्ष लक्ष्य
2026-27 4.65 लाख
2027-28 11.27 लाख
2028-29 11.27 लाख
2029-30 11.33 लाख
2030-31 11.45 लाख
विभिन्न योजनाओं के तहत होगा प्रशिक्षण
युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें सबसे बड़ा लक्ष्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का है।
इसके अलावा अन्य प्रमुख योजनाओं में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा—
कुशल युवा कार्यक्रम (तकनीकी) : 18.37 लाख युवा
टाटा टेक सीओआई : 81,520 युवा
भर्ती प्रशिक्षण तैनाती योजना : 70,000 युवा
डोमेन स्किलिंग : 1.22 लाख युवा
पीएम सेतु योजना : 37,200 युवा
बीएस-सीएफए : 36,000 युवा
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी : 21,500 युवा
ग्रीन इकोनॉमी : 5,400 युवा
सर्कुलर इकोनॉमी : 7,000 युवा
स्कूल स्तर से ही शुरू होगा स्किल डेवलपमेंट
सरकार अब स्किल डेवलपमेंट को स्कूल स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है। शिक्षा विभाग के माध्यम से 1.42 लाख छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य में विदेशी भाषा प्रशिक्षण का भी विस्तार किया जाएगा। फिलहाल पटना में संचालित प्रशिक्षण केंद्र को प्रमंडल और बाद में सभी जिलों तक पहुंचाने की योजना है। अगले पांच वर्षों में स्कूलों के माध्यम से 39,280 छात्रों को विदेशी भाषा का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्यमिता को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार केवल रोजगार योग्य कौशल ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 40,500 युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार किया जाएगा।
उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे युवा
बिहार सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों और बाजार की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इसी रणनीति के तहत निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं के रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।
