80वें स्वतंत्रता दिवस पर एआईसीसी (AICC) मुख्यालय में कथित तौर पर 'वंदे मातरम' का पूरा गीत गाने से रोके जाने पर विवाद हो गया है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज और बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर माफी की मांग की है।


कोलकाता। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। 'वंदे मातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रत्यक्ष वंशज और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मामले में बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।


पश्चिम बंगाल की नैहाटी विधानसभा सीट से विधायक सुमित्रो चटर्जी का आरोप है कि 15 अगस्त को एआईसीसी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। चटर्जी का दावा है कि इस दौरान वहां असहजता देखी गई और गीत को बीच में ही रोकने का बार-बार कथित प्रयास किया गया।


इस घटना से आहत होकर चटर्जी ने सोनिया गांधी को एक कड़ा पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


ऐतिहासिक गलती की पुनरावृत्ति: चटर्जी ने अपने पत्र में 15 अगस्त की कथित घटना को "केवल दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती की बेशर्म पुनरावृत्ति" करार दिया है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह पत्र एक आम नागरिक, एक देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रत्यक्ष वंशज के रूप में लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें "गहरी पीड़ा, खालीपन और गुस्से" से भर दिया है।


उन्होंने सोनिया गांधी से मांग की है कि राष्ट्रगीत के कथित अपमान के लिए वे देशवासियों से बिना शर्त माफी मांगें।


सुमित्रो चटर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर राजनीतिक हलकों में अक्सर बहस होती रही है। फिलहाल इस आरोप पर कांग्रेस पार्टी या सोनिया गांधी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।