गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि खदानों से कोयले की अवैध निकासी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाए। कंचन क्रांति में पढ़ें पूरी खबर।


कंचन क्रांति ब्यूरो, धनबाद।

केंद्र सरकार ने झारखंड के धनबाद कोयला क्षेत्र में अवैध खनन और कोयला चोरी पर सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को धनबाद में 'जीरो कोयला लीकेज योजना' लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद रहे।

बैठक में धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन, कोयला चोरी तथा इसके नेटवर्क की विस्तार से समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि खदानों से कोयले की अवैध निकासी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाए।

सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी,

शाह ने निर्देश दिए कि खदानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और सुरक्षा बलों की नियमित गश्त को बढ़ाया जाए। साथ ही, कोयले के परिवहन और भंडारण की निगरानी भी कड़ी की जाए ताकि आपूर्ति श्रृंखला के किसी भी चरण में कोयले की चोरी न हो सके।

उन्होंने संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अवैध खनन में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ प्रभावी और निरंतर कार्रवाई जरूरी है।

धनबाद देश का प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र है, जहां लंबे समय से अवैध खनन और कोयला चोरी बड़ी चुनौती बनी हुई है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, जबकि अवैध खदानों में होने वाली दुर्घटनाएं मानव जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

केंद्र सरकार का मानना है कि 'जीरो कोयला लीकेज योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन से कोयला चोरी पर अंकुश लगेगा, सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और पूरे कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।