देवघर में डीसी सौरभ कुमार भुवानिया, डीडीसी पीयूष सिन्हा और एसडीओ रवि कुमार ने सड़क हादसे में घायल दो लोगों को अपने वाहन से अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान। जानिए पूरी खबर।

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।  

झारखंड के देवघर जिले में प्रशासनिक कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत की एक प्रेरणादायी तस्वीर सामने आई है। विकास योजनाओं के निरीक्षण पर निकले जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों डिप्टी कमिश्नर (DC) सौरभ कुमार भुवानिया, डीडीसी (DDC) पीयूष सिन्हा और एसडीओ (SDO) रवि कुमार ने सड़क हादसे में घायल दो लोगों के लिए 'फरिश्ता' बनकर उनकी जान बचाई। समय पर अस्पताल पहुँचाकर 'गोल्डन ऑवर' का सही इस्तेमाल करने के इस साहसिक कदम की हर तरफ सराहना हो रही है।

जब काफिला रोककर घायलों की मदद को आगे आए अधिकारी

प्राप्त सूचना के अनुसार, देवघर प्रखंड के गिधनी पंचायत में विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद अधिकारियों का काफिला पुनासी मत्स्य विभाग की ओर जा रहा था। इसी दौरान केनमन काठी मोड़ के पास एक मोटरसाइकिल और साइकिल की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में दोनों सवार गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ सड़क किनारे अचेत पड़े थे, और मौके पर मौजूद राहगीर सिर्फ तमाशबीन बने हुए थे।

'गोल्डन ऑवर' का फर्ज निभाते हुए खुद अस्पताल ले गए अधिकारी

जैसे ही उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की नजर सड़क पर पड़े घायलों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया। घायलों की गंभीर हालत और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए एम्बुलेंस का इंतजार करने का समय नहीं था। ऐसे में डीडीसी पीयूष सिन्हा और एसडीओ रवि कुमार ने बिना देर किए घायलों को अपने सरकारी वाहन में लिटाया और तुरंत जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया।

त्वरित उपचार से टला बड़ा संकट

जसीडीह सीएचसी के डॉक्टरों ने जिला प्रशासन की तत्परता को देखते हुए तत्काल आपातकालीन इलाज शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत स्थिर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अधिकारियों ने 'गोल्डन ऑवर' के महत्व को समझते हुए समय पर अस्पताल न पहुँचाया होता, तो अत्यधिक खून बहने से बड़ी अनहोनी हो सकती थी। प्रशासनिक अमले के इस मानवीय और संवेदनशील प्रयास ने साबित कर दिया कि जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कागजों से बाहर जमीन पर भी उतनी ही मजबूत है।