करवा चौथ पर देवघर में दिखी आस्था और प्रेम की झलक, पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन के बाद किया पारण

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।

पति की लंबी उम्र, आरोग्यता और सुख-समृद्धि की कामना के साथ सुहागिन महिलाओं ने गुरुवार को करवा चौथ का व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद महिलाओं ने शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सोलह शृंगार से सजी महिलाओं को रात में चंद्र दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहा। हालांकि, बादलों के कारण देवघर समेत झारखंड के कई इलाकों में चांद देखने में देर हुई। चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया, पति का चेहरा देखा और व्रत का पारण किया।

करवा चौथ व्रत की शुरुआत बुधवार की रात सरगी ग्रहण करने के साथ हुई। गुरुवार की सुबह स्नान-ध्यान के बाद महिलाओं ने निर्जला व्रत शुरू किया। पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में उत्सव का माहौल रहा। सुहागिन महिलाएं सजने-संवरने और पूजा की तैयारियों में जुटी रहीं। शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, करवा माता और चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की गई।

गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका दुबे ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। सांसद डॉ. दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक तस्वीर साझा कर सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं।

विधि-विधान से पूजा कर सुनी करवा चौथ की कथा

करवा चौथ पर महिलाओं ने पीली मिट्टी और बालू से वेदी बनाकर उस पर पूजा के लिए भगवान की स्थापना की। इसके बाद करवा रखकर चंदन, रोली और सिंदूर लगाया तथा धूप-दीप जलाकर पूजा की। पूजन में खीर, दाल की पूड़ी, सिंघाड़ा, लड्डू और फल अर्पित किए गए। महिलाओं ने माता करवा की कथा सुनी और पति की लंबी उम्र तथा परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।

चंद्रमा के उदय होने पर महिलाओं ने अर्घ्य दिया और छलनी से चांद व पति का दीदार करने के बाद व्रत खोला। इसके बाद पति और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। कई परिवारों में पति ने अपनी व्रती पत्नी को खीर खिलाकर और पानी पिलाकर व्रत का पारण कराया। इस दौरान दंपतियों ने एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास और सम्मान बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया।

सोलह शृंगार में दमकीं सुहागिनें

करवा चौथ पर महिलाओं के सोलह शृंगार ने पर्व की रौनक बढ़ा दी। महिलाएं साड़ी और अन्य पारंपरिक परिधानों के साथ मेहंदी, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियां, कंगन, बिंदी, नथुनी, कुंडल, हार, पायल, बिछिया और अन्य आभूषणों से सजी नजर आईं। कई पुरुषों ने भी नए वस्त्र धारण किए। पूजा और चंद्र दर्शन के बाद पति-पत्नी ने साथ में समय बिताया और एक-दूसरे के प्रति स्नेह व्यक्त किया।

मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना की जाती है।

पहली बार व्रत रखकर उत्साहित दिखीं महिलाएं

पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली प्रियंका कौर, पिंकी अग्रवाल और वसुंधरा जायसवाल ने बताया कि वे पर्व को लेकर काफी उत्साहित हैं। परिवार के साथ त्योहार मनाने से उन्हें आत्मबल मिल रहा है। उन्होंने बताया कि व्रत की तैयारी पूरे मनोयोग से की गई। किसी तरह की कमी न रह जाए, इसके लिए परिवार की वरिष्ठ महिलाओं ने उन्हें पूजा की विधि और परंपराओं की जानकारी दी।

महिलाओं ने कहा कि पूरे दिन निर्जला उपवास रखने के बावजूद उन्हें उत्साह का अनुभव हो रहा है। उनकी कामना है कि चंद्रदेव की कृपा से सभी सुहागिनों का सुहाग अटल रहे और परिवारों में सुख-शांति बनी रहे।

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