जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार के खिलाफ तीन दिनों से निर्जला भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने इनोवेटर सोनम वांगचुक के आग्रह पर जल ग्रहण किया। हालांकि, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।


रांची। झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। राजधानी रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले तीन दिनों से 'निर्जला' भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने देश के प्रख्यात इनोवेटर और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के विशेष आग्रह पर बुधवार को जल ग्रहण किया।


हालांकि, जल ग्रहण करने के बावजूद देवेंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और भूख हड़ताल तब तक समाप्त नहीं होगी, जब तक कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती।

संरक्षणकर्ता और इनोवेटर सोनम वांगचुक ने धरना स्थल पर मौजूद देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए संवाद किया।वांगचुक ने तीन दिनों से बिना पानी के अनशन पर बैठे देवेंद्र के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताई और उनसे तुरंत जल ग्रहण करने का अनुरोध किया।

संवाद के दौरान वांगचुक ने छात्रों के इस संघर्ष को अपना समर्थन देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को उठाने का सबसे सशक्त माध्यम शांतिपूर्ण और अहिंसक सत्याग्रह ही है। उन्होंने युवाओं को संयम बनाए रखते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की सलाह दी।


"जब तक जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रियाओं में हुई धांधली और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नहीं होती और अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह सत्याग्रह जारी रहेगा।"


देवेंद्र नाथ महतो, छात्र नेता


छात्रों के बढ़ते समर्थन और आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार भी जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया और उनके मुद्दों को सुना।

पारदर्शिता की आवश्यकता: पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि राज्य में किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

युवाओं के भविष्य की सुरक्षा: उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों से राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

राजीव कुमार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा।


क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें?

जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा हाल के दिनों में आयोजित परीक्षाओं और परिणाम प्रक्रियाओं में हुई गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय/SIT जांच।

भर्ती परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका (Answer Key) और कट-ऑफ मार्क्स को सार्वजनिक किया जाए।

परीक्षा में धांधली और पेपर लीक में शामिल गिरोहों और अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।