गोरखपुर-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस के मुख्य चालक 70 किमी/घंटे की रफ्तार पर अचानक बेहोश हो गए। सहायक लोको पायलट की सूझबूझ से टला एक बड़ा रेल हादसा। पढ़ें पूरी खबर।


कंचन क्रांति ब्यूरो, गोरखपुर:।

गोरखपुर से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 26502) में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रेन जब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी अचानक उसके मुख्य लोको पायलट (चालक) हेमंत बेहोश हो गए। हालांकि, सहायक लोको पायलट (ALP) की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक भीषण दुर्घटना होने से बच गई।

सहायक चालक की सूझबूझ ने बचाई यात्रियों की जान

गोरखपुर-पटना (पाटलिपुत्र) वंदे भारत एक्सप्रेस रोजाना की तरह रविवार सुबह 5:46 बजे गोरखपुर प्लेटफार्म से रवाना हुई थी। जैसे ही ट्रेन कैंट स्टेशन से आगे बढ़ी, मुख्य चालक हेमंत अचानक अचेत हो गए। सहायक चालक द्वारा आवाज देने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत खतरा भांपते हुए सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को उनौला स्टेशन पर सुरक्षित रोक दिया।

### ट्रेन में ही हुआ प्राथमिक उपचार

ट्रेन रुकने के बाद सफर कर रहे एक डॉक्टर को तुरंत केबिन में बुलाया गया। डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद मुख्य चालक की सेहत में थोड़ा सुधार हुआ, जिसके बाद उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए ट्रेन को दोबारा आगे बढ़ाया।


पिपराइच स्टेशन पर दोबारा बिगड़ी तबीयत

> ट्रेन अभी पिपराइच स्टेशन पर पहुंची ही थी कि मुख्य चालक की तबीयत एक बार फिर अचानक बिगड़ गई। रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। तुरंत गोरखपुर से बैकअप क्रू (नया चालक, लोको इंस्ट्रक्टर और मालगाड़ी के गार्ड) को पिपराइच के लिए रवाना किया गया। अस्वस्थ चालक हेमंत को ट्रेन से उतारकर इलाज के लिए भेजा गया, जिसके बाद गोरखपुर से आए नए चालक ने ट्रेन की कमान संभाली।


दो घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही वंदे भारत

चालक के इलाज और गोरखपुर से नई क्रू टीम के पिपराइच पहुंचने की प्रक्रिया में वंदे भारत एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक पिपराइच स्टेशन पर खड़ी रही। हालांकि, इस देरी के बावजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली कि सहायक लोको पायलट की मुस्तैदी से एक बड़ा रेल हादसा टल गया।

### रेलवे प्रशासन का आधिकारिक बयान

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सुमित कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा: वंदे भारत के चालक की तबीयत बिगड़ने पर सहायक लोको पायलट ने बेहतरीन सूझबूझ का परिचय दिया और ट्रेन को स्टेशन पर सुरक्षित रोक लिया। सूचना मिलते ही तुरंत रिलीफ क्रू की व्यवस्था कर ट्रेन को पटना के लिए रवाना किया गया। बीमार क्रू मेंबर को मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

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