बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पटना में सभी प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ मैराथन बैठक की। जिला अस्पतालों की पेंडिंग सर्जरी अब AIIMS-मेदांता में होगी और 1 लाख आशा कार्यकर्ता चलाएंगी कैंसर स्क्रीनिंग अभियान। पूरी रिपोर्ट पढ़ें कंचन क्रांति पर।


अवध कुमार, पटना।


मुख्य बातें

  1.  स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पटना और राज्य के सभी बड़े मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों के साथ की मैराथन समीक्षा बैठक।
  2.  जिलों के अस्पतालों में पेंडिंग सर्जरी (ऑपरेशन) अब मेदांता, IGIMS और AIIMS जैसे बड़े संस्थानों में शिफ्ट की जाएंगी।
  3.  बिहार की 1 लाख आशा (ASHA) कार्यकर्ता घर-घर जाकर चलाएंगी कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग अभियान।
  4. सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में बाहर के नामचीन विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेवा देने के लिए तैयार होगा नया सिस्टम।

मरीजों को समय पर इलाज सरकार की टॉप प्रायोरिटी

बिहार के मरीजों को अब बेहतर और समयबद्ध इलाज के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने होंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने राज्य और राजधानी पटना के सभी प्रमुख मेडिकल कॉलेजों एवं चिकित्सा संस्थानों के प्राचार्यों, अधीक्षकों और निदेशकों के साथ एक हाई-प्रोफाइल मैराथन समीक्षा बैठक की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सचिव के साथ पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH), आईजीआईएमएस (IGIMS), आईजीआईसी (IGIC), एलएनजेपी (LNJP), मेदांता अस्पताल, बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) और आयुष्मान भारत योजना की टीम के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


बड़ा एक्शन: AIIMS और मेदांता में भी होंगे ऑपरेशन

बैठक के दौरान राज्य के स्वास्थ्य ढांचे और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की गहन समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के जिला स्तर के मेडिकल कॉलेजों में जितने भी ऑपरेशन (सर्जरी) लंबित या रुके हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाए।

बड़े अस्पतालों का सपोर्ट: जिला अस्पतालों की पेंडिंग सर्जरी को अब IGIMS, AIIMS और मेदांता जैसे शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में कराया जाएगा।

लिस्ट भेजने के निर्देश: मंत्री ने सभी जिला मेडिकल कॉलेजों को अपने यहाँ पेंडिंग ऑपरेशनों की सूची तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सौंपने का आदेश दिया है।

सख्त हिदायत: सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में ऑपरेशन में होने वाली किसी भी तरह की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार के प्रत्येक नागरिक को मानवतापूर्ण और समय पर इलाज देना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी मरीज की सर्जरी में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बिहार में कैंसर के खिलाफ महायुद्ध

स्वास्थ्य विभाग अब गंभीर बीमारियों की शुरुआत में ही पहचान करने के लिए एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से कैंसर की शीघ्र पहचान (Early Detection) और उसकी रोकथाम पर जोर दिया जाएगा।

1.    फ्री स्क्रीनिंग: नागरिकों की बुनियादी स्वास्थ्य जांच के दौरान अब सर्वाइकल कैंसर, स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।

2.    लाइफस्टाइल बीमारियों पर नजर: बीपी (रक्तचाप) और शुगर (मधुमेह) जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी गैर-संचारी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भी अनिवार्य रूप से कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी।

 

3.    आशा कार्यकर्ताओं का दम: इस महाभियान को जमीन पर उतारने के लिए राज्य की लगभग 1 लाख आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जो घर-घर जाकर लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए जागरूक करेंगी।

 

 

एक्सपर्ट डॉक्टरों से सजेगा बिहार का हेल्थ सिस्टम

बिहार के मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री ने एक और बड़ा निर्देश दिया है। राज्य के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में अब देश-विदेश के बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टरों (Expert Doctors) की सेवाएं लेने के लिए एक विशेष और सुगम व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे बिहार के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अपने ही राज्य में वर्ल्ड-क्लास चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

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