दुमका में अवैध शॉ मिल मामले के चार्जशीटेड पंकज राउत को गिरफ्तार करने पहुंची वन विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आईएफएस अधिकारी की गाड़ी तोड़ी, आरोपी फरार।
कंचन क्रांति ब्यूरो, दुमका।
झारखंड के दुमका में शनिवार की अहले सुबह उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब वन विभाग की टीम एक साल पुराने मामले के चार्जशीटेड आरोपी पंकज कुमार राउत को गिरफ्तार करने पहुंची। आरोपी पंकज राउत, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत का भतीजा है। महुआडंगाल मुहल्ले में हुई इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को स्थानीय लोगों और परिजनों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि टीम का नेतृत्व कर रहे ट्रेनी आईएफएस (IFS) पुष्कर काले के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी गाड़ी के शीशे (साइड मिरर) भी तोड़ दिए गए।
सुबह 5 बजे पड़ा छापा, 4 घंटे तक घर के बाहर बंधक बनी रही टीम
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 5 बजे वन विभाग की टीम पंकज राउत को दबोचने के लिए उसके महुआडंगाल स्थित आवास पर पहुंची थी। लेकिन जिला परिषद सदस्य चिंता देवी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और परिजनों ने टीम का रास्ता रोक लिया। लोगों ने मांग की कि टीम पहले सर्च वारंट या नोटिस दिखाए, बिना इसके घर के अंदर घुसने नहीं दिया जाएगा।
इधर, ट्रेनी आईएफएस पुष्कर काले का तर्क था कि वे डीएफओ के आदेश पर आए हैं और कानूनन उन्हें बिना नोटिस दिए भी आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार है। इसी बहसबाजी के बीच करीब 4 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा और वन विभाग की टीम बाहर ही खड़ी रही।

जब खुला ग्रिल, तो उड़ चुके थे तोते; खाली हाथ लौटी टीम
लगभग चार घंटे के कड़े विरोध के बाद जब मकान का ग्रिल खोला गया और वन विभाग की टीम घर के अंदर दाखिल हुई, तो आरोपी पंकज कुमार राउत वहां से गायब मिला। वह भारी हंगामे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा।
असली बवाल तब हुआ जब टीम खाली हाथ वापस लौटने लगी। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने ट्रेनी आईएफएस पुष्कर काले के साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उनकी गाड़ी का साइड मिरर तोड़ दिया और काफी देर तक वाहन को आगे बढ़ने नहीं दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद पिछले साल यानी 12 जून 2025 से जुड़ा है। दुधानी बीएसएनएल कार्यालय के पास जयपाल राउत उर्फ शिशु पाल राउत की 'मेसर्स लाल जी एंड शॉ मिल' अवैध रूप से संचालित हो रही थी।
· गोली मारने की दी थी धमकी: जब 12 जून 2025 को वन विभाग की टीम इस अवैध मिल को बंद कराने पहुंची थी, तो पंकज राउत ने टीम के साथ जमकर अभद्र व्यवहार किया था और छापेमारी टीम के सदस्यों को सरेआम 'गोली मार देने' की धमकी दी थी।
· केस और चार्जशीट: इसके बाद 13 जून 2025 को सरकारी कार्य में बाधा डालने और अवैध मिल चलाने के आरोप में पंकज राउत और जयपाल राउत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस चार्जशीट में भी पंकज राउत का नाम शामिल है।
अधिकारियों का पक्ष - पंकज कुमार राउत और जयपाल राउत के खिलाफ अवैध रूप से शॉ मिल चलाने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे हैं। चार्जशीट में भी पंकज राउत का नाम है। शनिवार को वन विभाग की टीम पंकज को गिरफ्तार करने गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
— सात्विक, डीएफओ, दुमका
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