वाशिंगटन। अमेरिका के यूटा राज्य से भारतीय समुदाय को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। सॉल्ट लेक सिटी के पास स्थित एक शॉपिंग मॉल में एक भारतीय नागरिक पर कथित तौर पर उसके धर्म के कारण चाकू से हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर ने पहले पीड़ित से उसका धर्म पूछा और फिर उस पर ताबड़तोड़ 15 बार चाकू से वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल भारतीय नागरिक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।


रिपोर्ट के अनुसार, घटना उस समय हुई जब भारतीय नागरिक शॉपिंग मॉल में मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी ने पहले पीड़ित से बातचीत शुरू की और उसके धार्मिक विश्वास के बारे में सवाल किया। जवाब मिलने के बाद उसने अचानक चाकू निकालकर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित के शरीर पर 15 बार वार किए गए।


हमले के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। घायल भारतीय को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उसे कई गंभीर चोटें आई हैं।


स्थानीय पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला पूरी तरह धार्मिक घृणा से प्रेरित था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। अधिकारियों ने मामले में हेट क्राइम (घृणा अपराध) के पहलू से भी जांच शुरू कर दी है।


इस घटना के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में चिंता का माहौल है। समुदाय के लोगों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि हमला धार्मिक पहचान के आधार पर किया गया है तो इसे गंभीर हेट क्राइम मानते हुए कड़ी सजा दी जानी चाहिए।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहकर पीड़ित को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा और मामले की प्रगति पर नजर रखेगा।


फिलहाल पुलिस मॉल के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक मंशा और कानूनी धाराओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि धार्मिक नफरत की पुष्टि होती है, तो आरोपी पर हेट क्राइम से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी लगाए जा सकते हैं।