19 सितंबर की शाम, जमुई और लखीसराय की सीमा पर बना कुंदर डैम। दो बेखबर चेहरे और अचानक झाड़ियों के पीछे से निकली कई परछाइयां। उस सुनसान सड़क पर ऐसा क्या हुआ, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया? जानिए उस वायरल वीडियो का पूरा सच।
ए आलम, जमुई।
19 सितंबर की ढलती शाम। जमुई और लखीसराय की सरहद पर स्थित कुंदर डैम का इलाका अमूमन शांत रहता है, लेकिन उस शाम की खामोशी में एक भयानक साजिश सांस ले रही थी। टाउन थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग मोहल्लों के रहने वाले दो बेखबर नाबालिग स्कूटी से निकले थे, इस बात से अनजान कि डैम के मोड़ पर कौन उनका इंतजार कर रहा था।
अचानक सुनसान रास्ते पर सन्नाटा टूटा। कुछ अज्ञात चेहरे झाड़ियों की ओट से बाहर निकले और स्कूटी के सामने खड़े हो गए। अगले 20 से 25 मिनट तक उस वीरान रास्ते पर जो कुछ भी हुआ, उसने इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया।

कांपते हाथ, गिड़गिड़ाती आवाज और कैमरे का वो फ्रेम...
सोमवार की सुबह 10:00 बजे जैसे ही एक 25 मिनट का वीडियो इंटरनेट की दुनिया में तैरने लगा, पूरे जिले में सनसनी फैल गई। वीडियो की परतें जैसे-जैसे खुलती गईं, देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
स्क्रीन पर साफ दिख रहा था—चारों तरफ से घिरी एक बेबस लड़की, जो कांपते हाथों से अपनी जान और आबरू की भीख मांग रही थी। दूसरी तरफ उदंड युवकों का वो गिरोह, जो किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहा था। खींचातानी, बदसलूकी और फिर उस अंधेरे में किसी के द्वारा गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड किया जाता वो वीडियो... सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ एक राहगीरी की घटना थी या इसके पीछे मनचलों का कोई पूर्वनियोजित जाल?
पुलिस की खामोशी और फिर अचानक हरकत...
घटना के बाद कई घंटों तक सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस के पास न कोई फरियादी पहुंचा, न ही कोई लिखित शिकायत दर्ज हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर जलती हुई उस चिंगारी ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया।
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के पास जब यह वीडियो पहुंचा, तो जांच की सुई तेजी से घूमने लगी। सीमाई इलाके का मामला होने के कारण शुरुआती उलझनें थीं, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लेकर पीड़ितों को ढूंढ निकाला।
अब आगे क्या? एसपी ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ितों के गोपनीय बयान दर्ज कर लिए गए हैं और टाउन थाने में अज्ञात-चिह्नित मनचलों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
लेकिन बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है—उन नकाबपोश चेहरों के पीछे असली गुनहगार कौन हैं? क्या पुलिस की टीमें उन तक पहुंचने में कामयाब होंगी या वे अंधेरे का फायदा उठाकर लखीसराय की सीमाओं में ओझल हो जाएंगे? पुलिस की कई टीमें इस वक्त अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। कहानी अभी खत्म नहीं हुई है...