JPSC 14वीं PT परीक्षा धांधली मामले में CID ने पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को किया गिरफ्तार। TDPL से मिलीभगत और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप में हुई कार्रवाई।


रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) में हुई कथित बड़े पैमाने की अनियमितता और धांधली के मामले में सीआईडी (CID) ने सोमवार को सख्त कदम उठाते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है।


आरोप है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसी लगातार शिकंजा कस रही है।


सीआईडी की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता से समझौता करते हुए आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL और आयोग के शीर्ष अधिकारियों के बीच सांठगांठ थी। ओएमआर शीट में हेरफेर, अंकों की गड़बड़ी और प्रश्नों के सेट तैयार करने में भारी अनियमितता बरती गई थी। एल. खियांग्ते पर बतौर चेयरमैन अपने पद का दुरुपयोग करने और वित्तीय/प्रशासनिक गड़बड़ियों को अनदेखा करने का गंभीर आरोप है।


JPSC धांधली मामले में CID पहले ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए जांच टीम ने आयोग के डिप्टी परीक्षा नियंत्रक (Deputy Controller of Examinations) सहित अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


गिरफ्तार किए गए लोगों में आयोग के प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी, आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL के प्रतिनिधि, बिचौलिए और परीक्षा प्रणाली में हेरफेर करने वाले मुख्य साजिशकर्ता शामिल हैं।


14वीं PT परीक्षा के नतीजों और प्रक्रिया को लेकर राज्यभर के प्रतियोगी छात्र लगातार आंदोलनरत थे। सीआईडी द्वारा पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद अब परीक्षा के पूरी तरह रद्द होने और नए सिरे से पारदर्शी प्रक्रिया शुरू करने की मांग तेज हो गई है।

मामले में सीआईडी की ओर से आगे की पूछताछ जारी है, जिससे कुछ अन्य बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।