प्रयागराज, कौशाम्बी और लखनऊ में माफिया अतीक अहमद, अशरफ और शाइस्ता परवीन की ₹345 करोड़ की 18 संपत्तियां जब्त। सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी। सुरक्षा के लिए CDO की कमान में बनी कमेटी। पढ़ें पूरी खबर।

कंचन क्रांति ब्यूरो, प्रयागराज।

माफिया अतीक अहमद के काली कमाई के साम्राज्य पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। प्रयागराज, कौशाम्बी और लखनऊ में फैली अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद अजीम और पत्नी शाइस्ता परवीन की करीब 345 करोड़ रुपये मूल्य की 18 चल-अचल संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त (कुर्क) कर लिया गया है।

इतनी विशाल संपत्ति की सुरक्षा, रखरखाव और नियमित निगरानी के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।


कहाँ-कहाँ फैली थी साम्राज्य की जड़ें?

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में महंगे मकान, कमर्शियल व रेजिडेंशियल प्लॉट, उपजाऊ कृषि भूमि, लग्जरी वाहन और बैंक खाते शामिल हैं:

·      प्रयागराज: चकिया, करेली, झूंसी, धूमनगंज, कसारी-मसारी, देवघाट, सरेयां, रहीमाबाद, अकबरपुर मिर्जापुर और होलागढ़।

·      लखनऊ: गोमतीनगर और शेखपुर स्थित कीमती अचल संपत्तियां।

·      कौशाम्बी: विभिन्न क्षेत्रों में फैली कृषि भूमि।

·      बैंक खाते व वाहन: विभिन्न बैंकों के 13 खातों में जमा मोटी रकम सीज की गई है, साथ ही अशरफ के नाम दर्ज लग्जरी वाहन को भी कब्जे में लिया गया है।


होलागढ़ की जमीन सबसे महंगी: अकेले 123 करोड़ की प्रॉपर्टी!

जांच में सामने आए आंकड़ों ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। जब्त संपत्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा प्रयागराज के होलागढ़ स्थित कृषि भूमि का है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 123.28 करोड़ रुपये आंका गया है।

संपत्तियों का गणित (अनुमानित कीमत के हिसाब से):

होलागढ़ (प्रयागराज) - कृषि भूमि - ₹123.28 करोड़

रहीमाबाद-अकबरपुर - अचल संपत्ति - ₹76.00 करोड़

शेखपुर (लखनऊ) – भूमि - ₹30.60 करोड़

कौशाम्बी - कृषि भूमि - ₹24.00 करोड़

अन्य मकान व प्लॉट - ₹4 करोड़ से ₹10 करोड़ (प्रत्येक)


सीडीओ की निगरानी में काम करेगी स्पेशल कमेटी

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जब्त संपत्तियों का कोई अवैध इस्तेमाल न हो सके, इसके लिए गठित समिति में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष, ADM (वित्त एवं राजस्व), और ADM (नजूल) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जब्त संपत्तियों का नियमित निरीक्षण, संरक्षण और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

जांच एजेंसियां एक्टिव: फिलहाल जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के मूल दस्तावेजों, खरीद के आर्थिक स्रोतों और इसमें शामिल बेनामीदारों की पड़ताल में जुटी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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