रायबरेली के हरचंदपुर स्थित ओई भीट गांव में बारिश के बाद जमीन धंसने से एक प्राचीन सुरंग मिली है। ASI की जांच में कुषाणकालीन ईंटें, सुराही और धूपदानी जैसे ऐतिहासिक अवशेष मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर।


रविशंकर सिंह | रायबरेली

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ऐतिहासिक धरोहरों का एक नया अध्याय सामने आया है। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई भीट गांव में भारी बारिश के बाद अचानक खेत की जमीन धंसने से एक रहस्यमयी सुरंग का पता चला है। सुरंग की सूचना मिलते ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) लखनऊ मंडल की टीम ने बुधवार को स्थल का निरीक्षण किया, जहाँ कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं।

कुषाणकाल के अवशेष मिलने का अनुमान

ASI की टीम को प्रारंभिक जांच के दौरान मौके से विशेष प्रकार की प्राचीन ईंटें, मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी और अन्य अवशेष प्राप्त हुए हैं। वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों का मानना है कि ये अवशेष कुषाणकालीन (Kushan Empire) हो सकते हैं।

प्रारंभिक तौर पर मिले अवशेष ऐतिहासिक महत्व के प्रतीत होते हैं और इनके कुषाणकालीन होने की संभावना है। हालांकि, इनकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और कार्बन डेटिंग के बाद ही हो पाएगी।

— डॉ. मनोज कुमार यादव, सहायक पुरातत्व अधिकारी (ASI)

पुरातात्विक अभिलेखों में पहले से दर्ज है ओई भीट गांव

डॉ. यादव ने आगे जानकारी दी कि 'ओई भीट' गांव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अभिलेखों में पहले से ही एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल के रूप में दर्ज है। ऐसे में सुरंग से मिले ये साक्ष्य इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।

वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अक्सर जुताई या खुदाई के दौरान प्राचीन अवशेष, मिट्टी के बर्तन और पुरानी ईंटें मिलती रहती हैं। ASI की इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में कौतूहल और उत्साह का माहौल है।

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