AAP सांसद का पलटवार: 'भाजपा वाले सुबह से शाम तक मुझे मां-बहनों की गालियां देते हैं, मोदी जी ने कैसा नफरती समाज बना दिया'


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भावनात्मक वीडियो संदेश के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर कुछ युवाओं ने उन्हें और उनकी दिवंगत मां को गालियां दीं, लेकिन वह उन "भटके हुए बच्चों" को माफ करते हैं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को तीखा पलटवार किया।


अपने वीडियो संदेश में संजय सिंह ने प्रधानमंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ कोई अपमानजनक शब्द नहीं कहा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मोदी जी, एक दिन आप मेरा फोन अपने पास रख लीजिए। मेरे फोन की जांच कर लीजिए। मेरे व्हाट्सऐप, मैसेज, सोशल मीडिया पोस्ट और कॉल रिकॉर्ड सब देख लीजिए। अगर मैंने आपकी मां के लिए एक भी अपशब्द कहा हो, तो देश के सामने बता दीजिए।"


संजय सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी की मां का अपमान करना उनकी संस्कृति नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किसने उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, क्योंकि पूरे विपक्ष या आंदोलन से जुड़े लोगों पर ऐसा आरोप लगाना उचित नहीं है।


'भाजपा वाले मुझे रोज मां-बहनों की गालियां देते हैं'

प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने कहा, "सुबह से लेकर शाम तक भाजपा वाले मुझे मां-बहनों की गालियां देते हैं। सोशल मीडिया खोलकर देख लीजिए। यह मोदी जी ने कैसा नफरत भरा समाज पैदा कर दिया है?"


उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता समर्थित राजनीतिक संस्कृति में असहमति का जवाब तर्क से नहीं, बल्कि गाली-गलौज और ट्रोलिंग से दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मुकाबला विचारों से होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत हमलों से।


'मुद्दा गालियों का नहीं, युवाओं के गुस्से का है'

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को गालियों की चर्चा करने के बजाय यह बताना चाहिए कि देश के लाखों युवा आखिर सड़कों पर क्यों उतरने को मजबूर हुए। उनके अनुसार, पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल ही असली मुद्दे हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मूल सवालों से ध्यान हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को आगे ला रही है। उनका कहना था कि यदि समय रहते युवाओं की शिकायतों का समाधान किया जाता, तो इतना व्यापक असंतोष पैदा ही नहीं होता।

मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर पर उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए। उन्होंने कहा कि गालियां किसी समस्या का समाधान नहीं हैं और ऐसे "भटके हुए बच्चों" को दंडित करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि वह उन्हें माफ करते हैं और देश को नफरत नहीं, संवाद और संस्कार की राह पर चलना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

प्रधानमंत्री के बयान और उस पर संजय सिंह की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक ओर भाजपा इसे राजनीतिक संवाद में गिरते स्तर का उदाहरण बता रही है, वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक मर्यादा, सोशल मीडिया पर बढ़ती कटुता और लोकतांत्रिक संवाद के स्तर को लेकर नई बहस छेड़ दी है।