महाराष्ट्र के उद्योगपति मोहनसिंह परमार पर हुए हमले के मामले में वसई पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 32 करोड़ रुपये की देनदारी से बचने और कंपनी पर कब्जे के लिए सह-अध्यक्ष सागर भानुशाली ने रची थी हत्या की साजिश। 7 आरोपी गिरफ्तार


पालघर / वसई:। महाराष्ट्र के जाने-माने उद्योगपति और 'जीएसएम फाइल्स' (GSM Files) के प्रबंध निदेशक (MD) मोहनसिंह परमार पर हुए जानलेवा हमले/साजिश के मामले में वसई पुलिस ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि कॉरपोरेट रंजिश और भारी-भरकम वित्तीय कर्ज से बचने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश थी।


32 करोड़ की देनदारी और कंपनी पर कब्जे का खेल

वसई पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) कंपनी का सह-अध्यक्ष (Co-Chairman) सागर भानुशाली है। जांच में खुलासा हुआ कि भानुशाली पर लगभग 32 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी थी।


कंपनी पर एकाधिकार (Full Control) हासिल करने और इस 32 करोड़ रुपये के भारी कर्ज के जाल से खुद को बाहर निकालने के लिए भानुशाली ने अपने ही बिजनेस पार्टनर और कंपनी के एमडी मोहनसिंह परमार को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।


पुलिस का बयान:


"आरोपी सागर भानुशाली कंपनी पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना चाहता था और वित्तीय संकट से बचने के लिए उसने एमडी मोहनसिंह परमार को खत्म करने का प्लान बनाया था।"


मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 गिरफ्तार

वसई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य साजिशकर्ता सागर भानुशाली समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस की स्पेशल टीम फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा हमले को अंजाम देने के लिए किन शूटरों या माध्यमों का सहारा लिया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।