बैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार देर रात एक बार में लगी भीषण आग ने 30 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है और प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आग तेजी से फैलने और भारी जनहानि के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़ी वजह हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार आग रविवार रात करीब आधी रात से पहले बार के भीतर भड़क उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में आग पूरे परिसर में फैल गई। बताया जा रहा है कि छत पर लगी ज्वलनशील सजावटी सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
आग मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंच गई, जिससे बाहर निकलने का रास्ता प्रभावित हुआ और अंदर मौजूद लोग फंस गए।
थाई अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में कई अहम बिंदु सामने आए हैं—
छत और अंदरूनी हिस्सों में ज्वलनशील सजावटी सामग्री का इस्तेमाल।
बार में क्षमता से अधिक लोगों की मौजूदगी की आशंका।
निकास मार्गों के बाधित या पर्याप्त न होने की संभावना।
आग लगने के बाद अफरा-तफरी और भगदड़, जिससे कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके।
फोरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने की वास्तविक वजह की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या भवन ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं।
मनोरंजन स्थलों में आग की घटनाएं क्यों होती हैं घातक?
विशेषज्ञों का कहना है कि बार, क्लब और अन्य मनोरंजन स्थलों में आग लगने की घटनाएं अक्सर इसलिए अधिक जानलेवा साबित होती हैं क्योंकि—
ज्वलनशील इंटीरियर और सजावट आग को तेजी से फैलाते हैं।
सीमित या अवरुद्ध आपातकालीन निकास लोगों के बच निकलने में बाधा बनते हैं।
तेज संगीत, धुआं और अंधेरा स्थिति को और खतरनाक बना देते हैं।
अचानक मची भगदड़ में लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर जाते हैं, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ जाती है।
दुनिया में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे