छठ महापर्व नजदीक, अब तक नहीं हुई साफ-सफाई; बिहार और झारखंड के हजारों श्रद्धालु इसी ऐतिहासिक तालाब में देते हैं अर्घ्य
जितेंद्र कुमार दुबे, मेहरमा (गोड्डा)।
लोक आस्था का महापर्व छठ नजदीक है और श्रद्धालु इसकी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के पत्तिचक-पिरोजपुर बाराहाट मुख्य बाजार के समीप स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर तालाब के छठ घाटों पर अब तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। घाटों की साफ-सफाई नहीं होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि यदि समय रहते घाटों की सफाई नहीं हुई तो छठ व्रती महिलाएं गंदगी के बीच भगवान भास्कर को अर्घ्य कैसे देंगी?
बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित यह ऐतिहासिक तालाब दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष छठ महापर्व के अवसर पर झारखंड के साथ-साथ सीमावर्ती बिहार के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पत्तिचक-पिरोजपुर बाराहाट मुख्य बाजार के समीप होने के कारण गोविंदपुर, बाबूपुर, साहब धमड़ी और बाराहाट समेत आसपास के कई गांवों के लोग इसी तालाब के घाटों पर छठ पूजा करते हैं।
छठ पर्व को लेकर जहां लोगों में उत्साह है, वहीं घाटों की बदहाल स्थिति ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। तालाब के आसपास गंदगी फैली हुई है और सफाई की समुचित व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस तालाब पर हर साल हजारों श्रद्धालु छठ पूजा करने पहुंचते हैं। इसके बावजूद पर्व से पहले सफाई की व्यवस्था नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अविलंब हस्तक्षेप कर घाटों की सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि छठ महापर्व के दौरान व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों के आसपास जमा कचरे को हटाया जाए तथा स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, जल्द सफाई कराने की मांग
ग्रामीण मुक्तिनाथ पांडेय ने कहा कि आस्था के महापर्व छठ के दौरान इस ऐतिहासिक तालाब में व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। झारखंड के अलावा सीमावर्ती बिहार के कई गांवों से भी लोग यहां पूजा करने पहुंचते हैं। इसके बावजूद अब तक छठ घाटों की सफाई नहीं होना विचारणीय विषय है।
वहीं, ग्रामीण राजा शुक्ला ने कहा कि छठ महापर्व के दौरान हजारों की संख्या में व्रती महिलाएं और श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में गंदगी का अंबार रहने से उन्हें काफी परेशानी होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीण दीपक मिश्रा ने कहा कि लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय-खाय से शुरू होकर उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होता है। इस दौरान पत्तिचक-पिरोजपुर स्थित तालाब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। घाटों पर गंदगी रहने से व्रती महिलाओं को पूजा करने में परेशानी होगी। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जल्द तालाब को गंदगीमुक्त बनाने की अपील की, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण में छठ महापर्व संपन्न कर सकें।
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