रायबरेली नगर पालिका में ईओ और पालिकाध्यक्ष के बीच ऑनलाइन-ऑफलाइन टेंडर को लेकर बढ़ा विवाद। 34 वार्डों के विकास कार्य ठप, जनता परेशान।
रविशंकर सिंह, रायबरेली।
नगर पालिका परिषद रायबरेली में विकास कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधि के बीच खींचतान तेज हो गई है। अधिशासी अधिकारी (ईओ) जहाँ पारदर्शी व्यवस्था के तहत ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया अपनाने के पक्ष में हैं, वहीं पालिकाध्यक्ष ऑफलाइन टेंडर कराने की जिद पर अड़े हैं। दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच बने इस गतिरोध के कारण पालिका के बोर्ड फंड से होने वाले सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
शहर के 34 वार्डों की लगभग ढाई लाख की आबादी इस प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा भुगतने को मजबूर है। बोर्ड फंड के जरिए शहर के विभिन्न वार्डों में इंटरलॉकिंग, सड़क मरम्मत, नाली निर्माण और खड़ंजा बिछाने जैसे बुनियादी कार्य कराए जाने थे।

इस प्रशासनिक गतिरोध पर नाराजगी जताते हुए देवानंदपुर के सभासद जय प्रकाश वर्मा और दक्षिणी जहानाबाद के सभासद संजय श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकारियों की तनातनी की वजह से जनता से जुड़े बुनियादी निर्माण कार्य लटक गए हैं। वहीं, फिरोजगांधी नगर के सभासद परमजीत सिंह गांधी और नया पुरवा के सभासद मोहम्मद हुसैन ने कहा कि शहर में जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है और खस्ताहाल सड़कों पर चलना दूभर हो चुका है। सभासदों की मांग है कि आपसी खींचतान छोड़कर शहर के विकास और जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि यह विवाद जल्द न सुलझा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
.......................................................................................................................................
रायबरेली नगर पालिका, टेंडर विवाद, ईओ रायबरेली, पालिकाध्यक्ष रायबरेली, विकास कार्य ठप, ऑनलाइन टेंडर, रायबरेली समाचार, Raebareli News, Raebareli Nagar Palika Tender Dispute
