अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित दान में कथित अनियमितताओं की SIT जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अब 17 अगस्त को सुनवाई करेगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के विदेश में होने के कारण सुनवाई स्थगित की गई।


नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए दान में कथित घोटाले और हेराफेरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 17 अगस्त को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत में दायर याचिकाओं में मामले की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।


सोमवार को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले को सूचीबद्ध किया गया था। सुनवाई की शुरुआत में ही एक अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया कि उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विदेश गए हुए हैं।


उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य पक्षकार के अनुपस्थित होने की जानकारी मिलने के बाद, पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई को 17 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।


राम मंदिर के निर्माण हेतु देश-विदेश से मिले करोड़ों रुपये के दान में कथित रूप से वित्तीय अनियमितताओं और गबन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर मांग की थी कि:


मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता या देखरेख में एक स्वतंत्र SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया जाए।


उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहले इन आरोपों को खारिज किया जाता रहा है। अब 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार और केंद्र इस मामले पर अदालत के समक्ष क्या रुख अपनाते हैं।