सहरसा में कोसी नदी में डॉल्फिन शिकार के वायरल वीडियो मामले में वन विभाग का बड़ा फॉलोअप action। आरोपी वीरेंद्र मुखिया पर FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए कोसी में छापेमारी और गश्त तेज।
सहरसा। कोसी नदी में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन (सोंस) को मारकर तेल निकालने की कोशिश के वायरल वीडियो मामले में वन विभाग ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज घटना का संज्ञान लेते हुए विभाग ने नामजद आरोपी वीरेंद्र मुखिया के खिलाफ 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972' के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। आरोपी की गिरफ्तारी और डॉल्फिन के अवशेष की बरामदगी के लिए कोसी के तटवर्ती इलाकों में छापेमारी और नदी में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
रेंजर के नेतृत्व में छापेमारी, आरोपी फरार
मामले की जानकारी देते हुए वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) वीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो आते ही टीम गठित कर सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र स्थित डरहार (वार्ड नंबर 5) में छापेमारी की गई। हालांकि, नामजद आरोपी वीरेंद्र मुखिया (पिता- सरयुग मुखिया) अपने घर से फरार मिला। ग्रामीणों से मिली जानकारी और वायरल वीडियो को मुख्य साक्ष्य बनाते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर मामला न्यायालय भेज दिया गया है।
6 दिन पुराना बताया जा रहा है वीडियो, कोसी में चौकसी तेज
रेंजर ने बताया कि डॉल्फिन को मारने से संबंधित यह वीडियो लगभग छह दिन पुराना बताया जा रहा है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए गहन अनुसंधान जारी है। घटना के बाद से कोसी नदी क्षेत्र में वन विभाग ने नावों के जरिए गश्त (पेट्रोलिंग) और निगरानी काफी सख्त कर दी है ताकि जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राष्ट्रीय जलीय जीव की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद से कोसी नदी में मौजूद गांगेय डॉल्फिन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि नदियों में दुर्लभ जलीय जीवों की रक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी तंत्र की जरूरत है। साथ ही ग्रामीणों और मछुआरों के बीच जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है कि पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए 'सोंस' का जीवित रहना कितना महत्वपूर्ण है।
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है 'सोंस'
वैज्ञानिक रूप से डॉल्फिन कोई मछली नहीं, बल्कि एक स्तनधारी (मशीन/Mammal) जीव है। यह केवल स्वच्छ और 5 से 8 फीट गहरे मीठे पानी में ही जीवित रह सकती है। इसका होना नदी के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का प्रतीक है।
सजा के सख्त प्रावधान
गांगेय डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। इसे 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972' की अनुसूची-1 (Schedule I) में रखा गया है। इसका शिकार करने, मारने या तेल व अंगों की तस्करी करने पर 3 से 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सख्त कानूनी प्रावधान है।
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