मुंबई। चमकती रोशनी, कैमरों की फ्लैश और शोहरत की ऊंचाइयां... बाहर से सब कुछ किसी सपनों की दुनिया जैसा दिखता था। लेकिन इसी चमक-दमक के पीछे एक ऐसा रिश्ता धीरे-धीरे दम तोड़ रहा था, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।
यह कहानी है टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी की। कभी दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, लेकिन वक्त के साथ वही रिश्ता आरोपों, विवादों और अदालतों की चौखट तक पहुंच गया। अब, वर्षों बाद राजा चौधरी ने एक बार फिर उस टूटे रिश्ते के कई पुराने पन्ने खोल दिए हैं।
मैं पति नहीं, नौकर बनकर रह गया था
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में राजा चौधरी ने दावा किया कि शादी के कुछ वर्षों बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। उनके अनुसार, घर में उनकी स्थिति एक पति जैसी नहीं रह गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें "बिना वेतन का ड्राइवर और घर का नौकर" बना दिया गया था और उनके आत्मसम्मान को लगातार ठेस पहुंचाई जाती थी।
राजा का कहना है कि उन्होंने परिवार बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते गए।
रिश्ते में तीसरे शख्स की एंट्री?
राजा चौधरी ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका दावा है कि शादी के दौरान श्वेता तिवारी अपने एक सह-कलाकार के बेहद करीब आ गई थीं। राजा के मुताबिक, जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली तो पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास पूरी तरह टूट गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और श्वेता तिवारी ने इन नए आरोपों पर अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सबसे बड़ा दर्द बेटी से दूर होना
राजा चौधरी ने कहा कि तलाक से ज्यादा तकलीफ उन्हें अपनी बेटी पलक से दूर होने की मिली। उनका आरोप है कि उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया और धीरे-धीरे पिता-पुत्री के रिश्ते में इतनी दूरी आ गई कि बातचीत तक लगभग बंद हो गई।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक पिता के लिए अपनी संतान से बिछड़ने का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
घरेलू हिंसा के आरोपों पर क्या बोले राजा?
श्वेता तिवारी पहले कई बार सार्वजनिक रूप से राजा चौधरी पर घरेलू हिंसा, शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। इन आरोपों ने उस समय पूरे मनोरंजन जगत को हिला दिया था।
अब राजा चौधरी ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने श्वेता के साथ मारपीट नहीं की। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में उन्हें शराब की लत थी और गुस्से में वे कई बार घर का सामान तोड़ देते थे। उन्होंने इसे अपनी बड़ी गलती बताया, लेकिन कहा कि उन्हें हिंसक पति के रूप में पेश किया गया।
दूसरी ओर श्वेता की कहानी
श्वेता तिवारी वर्षों से अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बोलती रही हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा है कि घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका वैवाहिक जीवन असहनीय हो गया था। उनके अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए यह रिश्ता खत्म करने का फैसला लिया।
सच आखिर किसके साथ?
दोनों पक्ष अपनी-अपनी कहानी सुना रहे हैं। एक ओर राजा चौधरी खुद को गलत समझा गया पति बताते हैं, तो दूसरी ओर श्वेता तिवारी अपने साथ हुए अत्याचार की बात कहती रही हैं। इन दावों और आरोपों पर अलग-अलग समय में दोनों ने सार्वजनिक रूप से अपनी बातें रखी हैं, लेकिन कई आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शोहरत की दुनिया में यह रिश्ता कभी प्रेम की मिसाल माना जाता था, लेकिन समय के साथ यह आरोपों, दर्द, टूटे विश्वास और बिछड़े रिश्तों की कहानी बन गया। शायद इसी कारण वर्षों बाद भी जब दोनों में से कोई एक बोलता है, तो पुराने जख्म फिर से चर्चा में आ जाते हैं।
