कोडरमा के सतगावां प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद शिक्षकों की भारी कमी को लेकर भारी हंगामा किया। छात्राओं और वार्डेन ने बीडीओ के सामने रो-रोकर अपनी समस्याएं रखीं।
कोडरमा। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरे देश में जश्न का माहौल था, वहीं कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से एक गंभीर और भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई। विद्यालय परिसर में शनिवार को झंडोत्तोलन कार्यक्रम के ठीक बाद छात्राओं का आक्रोश और दर्द छलक पड़ा। पढ़ाई के लिए जरूरी शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रही छात्राओं ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) के समक्ष जमकर हंगामा किया और रो-रोकर अपनी समस्याएं सुनाईं।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने आए सतगावां बीडीओ के सामने विद्यालय की छात्राएं एकजुट हुईं। जैसे ही झंडोत्तोलन का औपचारिक कार्यक्रम समाप्त हुआ, छात्राओं का सब्र टूट गया। उन्होंने अपनी पढ़ाई प्रभावित होने और लंबे समय से शिक्षकों की पदस्थापना न होने को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने रोते हुए बीडीओ को बताया कि शिक्षकों के न होने से उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है।
छात्राओं के इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए स्कूल की वार्डेन ने भी विद्यालय की विकट स्थिति की पुष्टि की। उन्होंने बीडीओ के सामने स्पष्ट कहा कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण व्यवस्था का संचालन और नियमित पढ़ाई ठप पड़ रही है। वार्डेन ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए जिले के वरीय अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और न ही मदद मिली है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसी महत्वाकांक्षी सरकारी योजना में छात्राओं द्वारा शिक्षकों की मांग को लेकर इस तरह रो-रोकर गुहार लगाना स्थानीय शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बीडीओ ने छात्राओं को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वे इस विषय को जिला स्तर पर वरीय अधिकारियों के समक्ष उठाकर जल्द समाधान का प्रयास करेंगे।