बिहार सरकार ने 'बिहार खेल नीति 2026' को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत राज्य के खिलाड़ियों को पेंशन और 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना का लाभ मिलेगा। जानिए पंचायत से राज्य स्तर तक खेल विकास का पूरा प्लान।


पटना | बिहार में खेल और खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में नई 'बिहार खेल नीति 2026' को औपचारिक मंजूरी दे दी गई।इस नई खेल नीति के तहत न केवल खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, बल्कि खेल जीवन के बाद उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पेंशन योजना की शुरुआत भी होगी।

खेल नीति 2026 की मुख्य बातें:

पेंशन योजना की शुरुआत: प्रतिस्पर्धी करियर खत्म होने के बाद खिलाड़ियों को गरिमापूर्ण जीवन और वित्तीय सुरक्षा देने के लिए पेंशन दी जाएगी।'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को सरकारी नौकरी का प्रावधान।प्रतिभा की पहचान: पंचायत स्तर से ही खेल प्रतिभाओं को खोजने और तराशने के लिए विशेष Talent Identification सिस्टम।दीर्घकालिक एथलीट विकास योजना: खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और शारीरिक विकास के लिए लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट प्लान।

ग्राउंड लेवल से राज्य स्तर तक ऐसा होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

खेल विभाग के अनुसार, पूर्व से चल रही सभी योजनाओं को समेकित करते हुए राज्य में त्रिस्तरीय खेल ढांचा (Sports Infrastructure) विकसित किया जाएगा।

बिहार खेल नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर (Grassroot level) से लेकर राज्य स्तर तक के एथलीटों को प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय सुविधाएं और भविष्य की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा देना है, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।