बिहार सरकार दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दाल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना पर 25 लाख रुपये तक का अनुदान दे रही है। FPO, पैक्स और उद्यमी 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

  1. दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: राज्य के 10 जिलों में योजना लागू, FPO, CLF, पैक्स और व्यक्तिगत उद्यमियों को मिलेगा लाभ
  2. क्षमता व शर्त: न्यूनतम 300 किग्रा प्रति घंटा क्षमता की लगेगी इकाई, कम से कम 3 साल करना होगा संचालन
  3. पारदर्शी प्रक्रिया: प्लांट, मशीनरी व वेयरहाउस निर्माण पर मिलेगा अनुदान; राशि सीधे खाते में होगी डीबीटी


कंचन क्रांति ब्यूरो, पटना।

राज्य में दलहन फसलों के प्रसंस्करण, भंडारण और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' के अंतर्गत 'दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना' की शुरुआत की गई है। इसके तहत राज्य में नई दाल मिल लगाने के लिए लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक आवेदक 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कृषि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस योजना का लाभ किसान उत्पादक संगठन (FPO), क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF), प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स), व्यक्तिगत उद्यमी तथा अन्य पंजीकृत संस्थाएं उठा सकती हैं। FPO, CLF और पैक्स के लिए कम से कम दो वर्षों से पंजीकृत एवं सक्रिय रूप से संचालित होना अनिवार्य है, जबकि व्यक्तिगत आवेदकों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है।

किसे और कितना मिलेगा अनुदान?

परियोजना की कुल स्वीकृति लागत का 33 फीसदी या अधिकतम 25 लाख रुपये (जो भी कम हो) की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सब्सिडी प्लांट, आधुनिक मशीनरी, भवन तथा भंडारण अवसंरचना (वेयरहाउस) के निर्माण पर उपलब्ध होगी। भवन और शेड निर्माण पर अनुदान की राशि कुल पात्र सब्सिडी का अधिकतम 30 प्रतिशत ही होगी। जमीन खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और दैनिक संचालन व्यय पर सब्सिडी देय नहीं होगी।

इन शर्तों का करना होगा पालन

क्षमता एवं मानक: नई दाल प्रसंस्करण इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा होनी चाहिए। मशीनरी बीआईएस (BIS) मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और FSSAI लाइसेंस अनिवार्य होगा।

स्वयं का अंशदान व बैंक लोन: परियोजना में आवेदक का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान होना चाहिए तथा बैंक ऋण की स्वीकृति या सहमति पत्र अनिवार्य है।

न्यूनतम अवधि: लाभार्थी को इस इकाई का संचालन एवं रखरखाव न्यूनतम तीन वर्षों तक अनिवार्य रूप से करना होगा। सब्सिडी की राशि direct benefit transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

इन 10 जिलों में लागू होगी योजना:

प्रथम चरण में यह योजना राज्य के 10 प्रमुख जिलों—पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया में लागू की गई है।

कैसे करें आवेदन?

आवेदन के साथ विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), बैंक ऋण स्वीकृति पत्र, पहचान प्रमाण-पत्र (आवेदक पहचान पत्र/पंजीकरण), बैंक विवरण और संस्थागत पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। पात्र आवेदक 31 अगस्त 2026 तक बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल या 'बिहार कृषि' मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

......................................................................................

दाल प्रसंस्करण इकाई योजना, बिहार कृषि विभाग, Dal Mill Subsidy Bihar, Dal Processing Plant Subsidy, Bihar Agriculture Subsidy 2026, FPO PACS Subsidy Bihar, DBT Agriculture Bihar