बिहार में सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित महिला विश्वविद्यालय खुलेगा। सीएम सम्राट चौधरी ने 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' अभियान की शुरुआत करते हुए 5 लाख महिलाओं के खाते में 600 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।


कंचन क्रांति ब्यूरो, पटना

बिहार सरकार राज्य में महिलाओं को उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार में एक समर्पित महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस विश्वविद्यालय की खास बात यह होगी कि इसमें छात्राओं के नामांकन के साथ-साथ कुलपति, प्रोफेसर, पदाधिकारी और कर्मचारी तक—सभी महिलाएं ही होंगी।

मुख्यमंत्री गुरुवार को पटना के बापू सभागार में 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' अभियान का शुभारंभ करने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाएं समृद्ध होंगी, तभी बिहार समृद्ध होगा और भारत विकसित बनेगा। वर्ष 2005 से पहले अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, लेकिन आज जीविका से जुड़ी महिलाओं का बिहार की अर्थव्यवस्था में 1.46 लाख करोड़ रुपये का योगदान है।

5 लाख महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 5 लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 600 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसमें 4 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त और 1 लाख महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की दूसरी किस्त दी गई। साथ ही, 10 हजार लाभुकों को जीविका निधि से ऋण वितरित किया गया।

प्रमुख योजनाएं और घोषणाएं:

सोलर पैनल योजना: 31 मार्च, 2027 तक 10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे।

नशामुक्ति अभियान: मद्य निषेध विभाग और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बीच नशामुक्ति व सामाजिक जागरूकता के लिए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर।

2030 का लक्ष्य: वर्ष 2030 तक राज्य सरकार जीविका दीदियों के विकास पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। वर्तमान में 50 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।

ग्रामीण हाट: 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण कार्य का शुभारंभ।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' और 'लखपति दीदी' पुस्तिकाओं का विमोचन किया तथा बीपीएससी द्वारा चयनित 7,376 नर्सों को शुभकामनाएं दीं।